समाज

नन्द वंश के अंत में उत्तराखण्ड की भूमिका

उत्तराखंड का इतिहास भाग – 6 भारत के इतिहास में केवल मौर्य, मुग़ल और ब्रिटिश ही अपने स्वर्णिम दिनों में…

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हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने : 40

आज स्थिति बिल्कुल अलग हो गई है पूरा हल्द्वानी और उसके आसपास के मीलों तक फैले गांव फतेहपुर, लामाचौड़, लालकुआं…

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पिथौरागढ़ का बौद्ध मठ

पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय से पश्चिम की ओर एक गांव है सुकौली. सुकौली की जिला मुख्यालय से दूरी लगभग चार किमी…

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बेड़ीनाग के ऐतिहासिक बौराणी मेले की तस्वीरें

पिथौरागढ़ के बेड़ीनाग के बौराणी में कार्तिक पूर्णिमा को सैम देवता के मंदिर में मेले का आयोजन किया जाता है.…

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कमियां बोलती है, काम ख़ामोश रहता है

पिछले साल 'जमुना लाल बजाज पुरस्कार' से सम्मानित आदरणीय धूम सिंह नेगी के बहुआयामी व्यक्तित्व में अध्यापक, कृषक, सामाजिक कार्यकर्ता…

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उत्तराखण्ड में ब्रिटिश सत्ता के शक्तिशाली होने का काल

उत्तराखण्ड में हेनरी रैमजे का युग (1856-1884) ब्रिटिश सत्ता के शक्तिशाली होने का काल था. औपनिवेशिक शिक्षा का प्रारम्भ हुआ…

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कुमाऊँ में अंग्रेज – 1815 से 1857 तक

ईस्ट इंडिया कंपनी का 1815 में उत्तराखण्ड आगमन उत्तराखण्ड में गोरखों के 25 साला सामन्ती सैनिक शाही के अन्त से…

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रं सभ्यता के गाँव – रवि पतियाल के फोटो

  फिलहाल भीमताल में रह रहे रवि पतियाल डायरेक्टरेट ऑफ़ कोल्ड वाटर फिशरीज़ में वैज्ञानिक हैं. धारचूला की चौंदास घाटी…

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रानीखेत के करगेत से कानपुर तक खिंची एक पुरानी डोर

तीस के दशक में कभी रानीखेत तहसील के एक छोटे से गाँव करगेत से निकले पाँच भाइयों ने जब जीवन…

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हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने : 39

बरेली के मिशनरी प्रचारक विलियम बटलर ने पहाड़ में मिशनरी का खूब प्रचार किया था. फतेहपुर के पास ईसाई नगर…

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