समाज

कुली बेगार आन्दोलन से पहले कुमाऊं परिषद

अमृतसर कांग्रेस के बाद के महीने अत्यन्त सक्रियता भरे थे. एक प्रकार से कुमाऊं परिषद के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने…

8 years ago

हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने : 44

सन् 1970 तक शादी-ब्याह की रस्में भी यहां ठेठ ग्रामीण परिवेश में ही हुआ करती थीं. न्योतिये प्रातः पहुँच जाते…

8 years ago

पीलीभीत की बांसुरी – रोहित उमराव के फोटो

पीलीभीत की बांसुरी - रोहित उमराव बांस की बनी बांसुरी और उसकी मधुर-सुरीली तान आखिर किसे नहीं रिझाती? बांसुरी भारत…

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हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने : 43

तराई भाबर में भूमि व्यवस्था भी एक विवादास्पद विषय बनी रही है. यहाँ की जमीनों की लूट का अपना एक…

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नैनीताल की नंदा देवी

उत्तराखण्ड में इष्ट देवी पार्वती के कई रूपों की पूजा की जाती है. पूरे राज्य में पार्वती के माँ नंदा…

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हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने : 42

हल्द्वानी में जिस तेजी से हर समाज ने पनाह ली है उसी तेजी से उनके आहार व्यवहार रीति-रिवाज का प्रभाव…

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मेरे सपनों का उत्तराखण्ड

गाँव से लौटे महीना नहीं होता कि मैं फ़िर से गाँव की ओर हो लेता हूँ. पहाड़ पर ख़राब मौसम…

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कुमाऊँ परिषद के शुरुआती वर्ष

1916 से 1926 तक कुमाऊँ परिषद का इतिहास ही बड़ी सीमा तक उत्तराखण्ड में स्थानीय आन्दोलनों तथा राष्ट्रीय संग्राम का…

8 years ago

कंगडाली की यादें – धीराज गर्ब्याल के कैमरे से

धारचूला की चौदांस पट्टी रहने वाले रं संस्कृति के लोग हर बारहवें वर्ष कंगडाली का त्यौहार मनाते हैं. इस पर्व…

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हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने : 41

अक्सर यहां के लोग यह भी कहा करते हैं कि हमारे जमीनों को गोविंद बल्लभ पंत जैसे राजनेताओं ने पाकिस्तान…

8 years ago