समाज

गाथा छिपला केदार की

पिथौरागढ़ जनपद के सीमान्त क्षेत्र के दर्जनों गाँवों में अधिशासित आराध्य देव छिपलाकेदार धारचूला तहसील के बरम से लेकर खेत…

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ज्येठांश: उत्तराखण्ड में पैतृक संपत्ति के बंटवारे का पारंपरिक विधान

संयुक्त परिवार के दौर में उत्तराखंड के समाज में कई तरह की परम्पराएं हुआ करती थीं. आधुनिक समाज में एकल…

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भवाली में रामलीला की परम्परा

पिछली सदी के साठ के दशक का एक कालखण्ड ऐसा भी रहा, जब भवाली की रामलीला में पिता हरिदत्त सनवाल…

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उत्तराखंड का वह गांव जिसकी गिनती भारत के पहले दस हॉन्टेड गावों में होती है

जब कभी भारत में भुतहा या हॉन्टेड गांव की बात आती है तो देश के पहले दस गावों की सूची…

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कुटी गांव के राजा लिबिंग की कहानी

लोक परम्परा के अनुसार कुटी गांव का एक राजा था लिबिंग ह्मा. राजा लिबिंग की दो रानियां थी. एक तिब्बत…

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एटकिंसन ने क्या लिखा है लोहाघाट के बारे में

काली कुमाऊं परगना और रगडुबान पट्टी में एक गांव और पुरानी फौजी छावनी हैं जो चम्पावत से 6 मील दूर…

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पिथौरागढ़ को सोर घाटी क्यों कहते हैं

पिछली कड़ी : पिथौरागढ़ जिले का नामकरण प्रथमतः पिथौरागढ़ के नामकरण को पढ़ने के बाद अब उसकी प्राचीनता की ओर…

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श्राद्ध पक्ष में कौवे को क्यों महत्व दिया जाता – कुमाऊं क्षेत्र की मान्यता

इन दिनों श्राद्ध पक्ष चल रहा है. इसे पितृ पक्ष भी कहा जाता है.अपने पितरों को याद करने की इस…

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बट माने लेकिन व्हट माने क्या, मैं तेरा साला तू मेरा क्या

मैं भी एक जमाने में गांव के प्राइमरी स्कूल में आगे से फर्स्ट आने वाला हुआ, पांच तक तो टॉप…

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अल्मोड़ा में मोहर्रम के ताजिये – जयमित्र सिंह बिष्ट के फोटो

प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी अल्मोड़ा में मुस्लिम समुदाय द्वारा ताजियों का निर्माण किया गया. लाला बाजार, भियारखोला, कचहरी…

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