कॉलम

मुंशी प्रेमचंद की कहानी ‘सौत’

जब रजिया के दो-तीन बच्चे होकर मर गये और उम्र ढल चली, तो रामू का प्रेम उससे कुछ कम होने…

4 years ago

कत्यूर राजधानी बैजनाथ पर एक महत्वपूर्ण लेख

कौसानी के डॉडे से सामने दूर नगाधिराज के श्वेत हिममण्डित सैकड़ों शिखरों की श्रेणियाँ दिखाई पड़ती हैं या पर्वत निः…

4 years ago

अगर पहाड़ हैं जिन्नत तो रास्ता है यही

सुना करते थे वह बाग़ पुरफ़िज़ा है यहीअगर पहाड़ हैं जिन्नत तो रास्ता है यही हम वक्त के उस दौर…

4 years ago

वो भूली दास्तां लो फिर याद आ गई: पिथौरागढ़ महाविद्यालय में मेरा पहला दिन वर्ष 1979

पिछली कड़ी यहां पढ़ें: छिपलाकोट अंतर्कथा : मुझे एक जगह आराम नहीं, रुक जाना मेरा काम नहीं डॉ मुन्ना भाई…

4 years ago

गढ़वाल का शहर, दुगड्डा : रूह है पर आब उड़ गई

-भगवतीप्रसादजोशी , 'हिमवन्तवासी ' यू.पी. में पुख्ता बुनियाद वाले जिला बिजनौर में नवाब नजीबुद्दौला द्वारा बसाए  गए और दिल दिलेर…

4 years ago

कुमाऊनी लोकजीवन में रहन-सहन और खान-पान की परम्परा

“सम्यक् प्रकारेण विरोधाभावान् अपास्य समभावान् जीवनोपयोगिनः करोति इति संस्कृतिः”  अर्थात संस्कृति वह है जो मानवता को विकृत करने वाले भावों…

4 years ago

नराई होती नहीं, लगा करती है

सुवा कैं नराई लागी आंचली में फेड़ी- वियोगावस्था में आलम्बन के प्रति आश्रय के मनोगत भावों की यही सबल अभिव्यक्ति…

4 years ago

हर शुभ की पहचान गेरू और बिस्वार की जोड़ी गायब है

पहाड़ में कोई भी त्यौहार हो पारम्परिक कुमाऊनी घर गेरू की भिनी सुगंध से सरोबार हो जाया करते. एक समय…

4 years ago

आज पंडित नैनसिंह रावत का जन्मदिन है

तिब्बत का पहला भौगोलिक अन्वेषण करने वाले उन्नीसवीं शताब्दी के महानतम अन्वेषकों में से एक माने जाने वाले मुनस्यारी की…

4 years ago

रं समाज की वार्षिक मीटिंग की तस्वीरें

कई सदियों से उत्तराखंड के सुदूर पहाड़ों और अत्यधिक कठिन परिस्थितियों और हिमालय के प्रेम और गुस्से के बीच कुछ…

4 years ago