कॉलम

आखिरी गाँव में जबरदस्त जीवट की अकेली अम्मा

धरती गोल है और गोले में कोई बिंदु आखिरी नहीं होता. अक्सर आखिरी पहला हो जाता है. हिमालय की घाटियों…

6 years ago

आपदा की पहली मार पर्यटन को

किसी भी मानव जनित या प्राकृतिक आपदा का खामियाजा सबसे पहले पर्यटन क्षेत्र को ही भुगतना पड़ता है. 2001 में…

6 years ago

आज का अल्मोड़ा देख सुमित्रानंदन पन्त नहीं लिख पाते : यह है अल्मोड़े का बसंत

लो चित्र शलभ सी पंख खोल, उड़ने को है कुसमित धाती.यह है अल्मोड़े का बसंत,  खिल उठी निखिल पर्वत घाटी.…

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इटली के रोम में पहाड़ की लड़की

रोम पहुंचते ही सबसे पहली बात ये पता लगी कि यहाँ के लोगों के लिए ये ‘रोमा’ है. एयरपोर्ट से…

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घट के पाट और चोखी बसंतमूली की सब्जी

ह्यून में अच्छा झड़ पड़े और बसंत में डाल न बरसे तो हमारे गाँव में इतना गेहूं तो हो जाता…

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इस सदी का सबसे सुंदर चांद अल्मोड़े से

दुनिया में जितनी दफ़े सौन्दर्य पर लिखा गया होगा उतने बार चांद को दोहराया गया होगा. आज भी दुनिया भर…

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अभिमन्यु चक्रव्यूह में फंस गया है तू : दंतकथा

जीवन का दर्शन, जीवन का महात्म्य, जीवन के साथ ही समझ आता है. समय सबसे बड़ा शिक्षक है. आयु कहीं-न-कहीं…

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मौत और मोहब्बत की संगत में एक विकट सफ़र

फ़रवरी के आख़िरी दिन थे. मौसम को उदास और झाड़ रूख को झंखाड कर देने वाली हवा चलने लगी थी…

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परदेस से आई बीमारी और खबर-खबर का अंतर: स्मिता कर्नाटक की कहानी

पिछले महीने ही तो लगन हुआ है सुखिया का. दुल्हनियाँ का नाम है-बसन्ती. गोल-मटोल, बड़ी-बड़ी आँखों  और पतले होंठों वाली…

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सेम मुखेम, गंगू रमौल और सिदुआ-बिदुआ की कथा

उत्तरकाशी का  टकनौर परगना जो जान्हवीं औरभागीरथी नदियों का जलागम प्रदेश  रहा.  वारागड़ी पट्टी इलाके तक फैला.  साथ ही  जिसमें…

6 years ago