विरासत में मिलने वाली लोक कला ‘ऐपण’

4 years ago

उत्तराखंडी लोक कला के विविध आयाम हैं. यहाँ की लोक कला को ऐपण कहा जाता है. यह अल्पना का ही…

नुक्कड़ नाटकों पर नटरंग

4 years ago

पिछले चार दशकों से कुछ अलग तरीके से सन्देश देते, जाग्रत से कुछ मुद्दे उठाए आम लोगों से सीधे जुड़ते,…

शैलेश मटियानी की कहानी ‘हारा हुआ’

4 years ago

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree आस-पास जुड़ आए औरत-मर्दों की उपस्थिति में ही…

वरिष्ठ राजनेता केदार सिंह फोनिया को विनम्र श्रद्धांजलि

4 years ago

‘‘.... मेरा जीवन संघर्षमय रहा. ऐसा नहीं है कि जीवन-यात्रा की शुरुआत के लिए मुझे किसी चीज की कमी रही…

मसूरी में आलू

4 years ago

दून घाटी से उत्तर दिशा में दूर मसूरी की पहाड़ियों को देख कर भले ही दुनिया को वहां से दिखने…

आज शैलेश मटियानी का जन्मदिन है

4 years ago

आज शैलेश मटियानी का जन्मदिन है. यह लेख 1996 में शैलेश मटियानी से हुई बातचीत का एक हिस्सा है जिसमें…

एक महान कला साधक की रंगयात्रा का महत्वपूर्ण दस्तावेज है ‘स्मृतियों में मोहन उप्रेती’

4 years ago

पहाड़ी लोक गीतों को अपनी सुरीली धुनों से संवारने वाले मोहन उप्रेती के अनेक गीत और नाट्य प्रस्तुतियां आज भी…

सद्गति : हिंदी की श्रेष्ठ कहानियों में से एक

4 years ago

-प्रेमचंद दुखी चमार द्वार पर झाडू लगा रहा था और उसकी पत्नी झुरिया, घर को गोबर से लीप रही थी.…

उत्तराखण्ड में लोकविश्वास

4 years ago

"मामा आ गए-मामा आ गए," चहकती हुई शारदा माँ के पास आई. माँ बोली, "मैं ना कहती थी, कोई मेहमान…

अल्मोड़े में रावण परिवार के पुतले : एक्सक्लूसिव तस्वीरें

4 years ago

अल्मोड़ा का दशहरा इसमें बनाए जाने वाले रावण परिवार के कलात्मक पुतलों के लिए प्रसिद्ध है. दशहरा महोत्सव की शुरुआत…