जब अब्दुल रशीद कारदार ने बनाईं एक साल में तीन फ़िल्में

8 years ago

होली, पागल और पूजा तीनों 1940 में अब्दुल रशीद कारदार की बनाई तीन फ़िल्में हैं. अब्दुल रशीद कारदार की सिनेमाई…

पिघलता हिमालय, दरकता मानव अस्तित्व

8 years ago

उत्तराखण्ड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ग्लोबल वार्मिंग का असर साफ तौर पर देखा जा सकता है. भारतीय वन्यजीव संस्थान…

अध्यात्म और विपश्यना का यथार्थवाद

8 years ago

विपश्यना अध्यात्म का यथार्थवाद है. यहां न आत्मा है, न ईश्वर और न कोई सच्चिदान्द. ध्यान में उतरने के लिए…

साझा कलम: 4 – अनुराग उप्रेती

8 years ago

[एक ज़रूरी पहल के तौर पर हम अपने पाठकों से काफल ट्री के लिए उनका गद्य लेखन भी आमंत्रित कर…

तब मेरी जेब में एक नहीं दो बाघ होते हैं : विद्रोही की कविता

8 years ago

दो बाघों की कथा -रमाशंकर यादव ‘विद्रोही’ मैं तुम्हें बताऊंगा नहीं बताऊंगा तो तुम डर जाओगे कि मेरी सामने वाली…

नैनीताल माउन्टेनियरिंग क्लब मना रहा है अपनी स्वर्ण जयन्ती

8 years ago

नैनीताल माउन्टेनियरिंग क्लब के बेमिसाल 50 साल -प्रमोद साह 1953 में एडमंड हिलेरी व शेरपा तेनजिंग द्वारा एवरेस्ट फतह किए…

भोले का शीतकालीन प्रवास मक्कूमठ

8 years ago

मक्कूमठ गढ़वाल मंडल के रुद्रप्रयाग जनपद की पट्टी परकण्डी व तहसील ऊखीमठ हुते हुए या भीरी परकण्डी होते हुए पहुंचा…

साझा कलम – ३ : विवेक वत्स

8 years ago

[एक ज़रूरी पहल के तौर पर हम अपने पाठकों से काफल ट्री के लिए उनका गद्य लेखन भी आमंत्रित कर…

यथार्थ के दलदल में डूब जाएगा उनका गृहविज्ञान

8 years ago

गृहविज्ञान -सुन्दर चंद ठाकुर वे कौन सी तब्दीलियां थीं परंपराओं में कैसी थीं वे जरूरतें सभ्यता के पास कोई पुख्ता…

कुमाऊं के इतिहास का एक और विस्मृत पृष्ठ- 3

8 years ago

नीलू कठायत-  दूसरे दिन तड़के ही जस्सा राजप्रसाद पहुंचे. महाराज को बतलाया की नीलू कठायत महरों के साथ मिलकर एक…