भारतवासी होने का सौभाग्य तो आम से भी बनता है

8 years ago

आम के बाग़ -आलोक धन्वा आम के फले हुए पेड़ों के बाग़ में कब जाऊँगा? मुझे पता है कि अवध,…

मीटू इज स्वीटू

8 years ago

गुजरात के शहरों और कस्बों से हिंदी बोलने वाले बिहार, यूपी, एमपी के भइया लोग देसी गालियां और लात देकर…

ट्रेल पास अभियान भाग – 1

8 years ago

छानपुर और जोहार घाटी के मध्य लगभग 18000 फिट ऊॅंचे गिरिपथ को पार कर तिब्बत व्यापार हेतु सुगम मार्ग खोज…

रामलीला के बहाने नये – नये प्रयोग भाग : 2

8 years ago

पिछली कड़ी तो एक बार भवाली की टीम को ‘राम वनवास’ वाला प्रसंग मिला प्रस्तुति के लिये. राम-लक्ष्मण का वनवासी…

जोहार घाटी का सफ़र भाग – 5

8 years ago

पिछली क़िस्त का लिंक – जोहार घाटी का सफ़र -4 'मामा अब नहीं आएंगे हम ट्रैकिंग में... ! मिलम गांव से…

माफ़ करना हे पिता – 4

8 years ago

(पिछली क़िस्त: माफ़ करना हे पिता - 3) उन्हीं दिनों कभी मैंने पिता से पूछा कि क्या इंदिरा गांधी तुमको…

रहस्यमयी झील रूपकुंड तक की पैदल यात्रा – 4

8 years ago

(पिछली क़िस्त का लिंक - रहस्यमयी झील रूपकुंड तक की पैदल यात्रा - 3) वेदनी बुग्याल को पार करते हुए…

पैंतीस के बाद प्रेम वाया और पतित होने के नारायणी नुस्खे

8 years ago

एक बार तो लगता है कि झपटकर कर लें, लेकिन फिर दिमाग चोक लेने लगता है. यहां तक आते-आते दिल…

रामी बुढ़िया ( लोककथा )

8 years ago

एक गांव में रामी नाम की बुढिया रहती थी, उसकी बेटी का विवाह दूर एक गांव में हुआ था जहाँ…

पाताल भुवनेश्वर की यात्रा

8 years ago

उत्तराखण्ड की पावन भूमि आदिकाल से ही मानव सभ्यता का गढ रही है. मनीषीयों, विद्वानों, साधु-सन्तों, विचारकों और तपस्वियों की…