अमीर अंकलों की खैरात से जब दिल्ली में मैंने मौज उड़ाई

7 years ago

पहाड़ और मेरा बचपन – 7 दिल्ली की डीटीसी बसों में मैंने एक समय के बाद टिकट लेना बंद ही…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 22

7 years ago

पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम से…

पीहू की कहानियाँ – 5

7 years ago

मैडम अभी सो रही हैं मैडम को पॉटी आ गई है मैडम सुसु करने गई है मैडम का अभी मूड…

चटोरे जवाईं की लोककथा

7 years ago

मुझे अक्सर अपने दादा, दादी, चाचियाँ, माँ बहुत याद आते हैं. आप कहेंगे इसमें नई बात क्या है. अपनी जिंदगी…

मुठ्ठी भर कंचे

7 years ago

तब गाँव क्या था, श्याम-श्वेत सिनेमा के दौर का सा गाँव लगता था. चौतरफा खेत-ही-खेत थे, गन्ने-सरसों की फसलों से…

इतने विशाल हिंदी समाज में सिर्फ डेढ़ यार : दसवीं किस्त

7 years ago

हमारे ब्रह्माण्ड की पहली भारतीय कहानी ( एक विदेशी का लिखा हिन्दू लोक-मिथकों का इतिहास : 'क' ) सृष्टि के…

नैनीताल के तीन नौजवानों की फाकामस्त विश्वयात्रा – 11 (अंतिम क़िस्त)

7 years ago

रात में नींद अच्छी आयी. सुबह 7 बजे हमने अपना कंधार का टिकट लिया. बस बड़ी आरामदेह थी. छोटे-छोटे गांवों…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 21

7 years ago

पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम से…

बिजट मंदिर : एक फोटो निबंध

7 years ago

लगभग शाम का 6 बज गया था जब मैं हिमांचल प्रदेश में चूड़धार का ट्रेक करके बिजट महाराज के मंदिर…

अंतर देस इ उर्फ़… शेष कुशल है! भाग – 6

7 years ago

गुडी गुडी डेज़ अमित श्रीवास्तव बॉबी चचा के जज़्बात @ मौक़ा-ए-वारदात गुडी गुडी मुहल्ले में एक पुलिस थाना खुला और…