मुनस्यारी का लाल बुरांश

8 years ago

कुमाऊंनी में जब भावना, कमला, चंदा, हिमा, बब्ली जैसी नायिकाओं के नाम वाले गीतों का वर्चस्व है उस समय भल…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 56

8 years ago

  पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम…

तुलसी रैमसे को इतनी श्रद्धांजलि तो बनती है!

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कराची और लाहौर में इलेक्ट्रोनिक्स के सामान की दुकान चलाने वाले फतेहचंद रामसिंघानिया को बंटवारे के चलते अपना कारोबार बंद…

जब क्रिकेट में फील्डिंग के लिए नियम नहीं हुआ करते थे

8 years ago

क्रिकेट के खेल में फील्डिंग का भी बहुत महत्त्व है. जोंटी रोड्स जैसे खिलाड़ी फील्डिंग की इस महत्ता को नयी…

हम फिर से उसी थकान से भर जाते हैं

8 years ago

किसी को जानो तो बस इतना ही जानना कि कोई और भी दिखे तो उसके होने का भ्रम होता रहे…

हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने: 57

8 years ago

यूसुफ साहब बताते हैं कि उन्होंने बचपन में अपने बुजुर्गों से रामगढ़, नथुवाखान, बागेश्वर इत्यादि नाम सुने थे. इन जगहों…

अंतर देस इ उर्फ़… शेष कुशल है! भाग – 11

8 years ago

गुडी गुडी डेज़ (हीरामन- हीराबाई संवाद; नाम में क्या रक्खा है) अमित श्रीवास्तव हीराबाई- हीराबाई हीरामन- हीरामन हीराबाई- आह! हीरा!…

आजादी से पहले उत्तराखण्ड में वन आन्दोलन

8 years ago

वन आन्दोलन 1920-21 तक बेगार आन्दोलन का पूरक हो गया था. इन आन्दोलनों के व्यापक सामाजिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक, आर्थिक तथा…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 55

8 years ago

  पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम…

सर्दियों का बिनसर

8 years ago

सर्दियों की ऋतु हो और आप बिनसर में हों तो क्या कहने! बिनसर की शामों की सोने सी रोशनी, रात के आसमान…