मेहमान बनने का शौक

8 years ago

उसे जान-पहचान में मेहमान बनने का बहुत शौक था. वह इतना भी जरूरी नहीं समझता था कि जान-पहचान बहुत गहरी…

हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने: 56

8 years ago

हल्द्वानी के बरेली रोड में आज भी अब्दुल्ला बिल्डिंग विख्यात है. इसके बारे में माजिद साहब बताते हैं कि उनका…

कहो देबी, कथा कहो – 20

8 years ago

निर्माण के दिन वर्ष भर बाद 1970 में ‘किसान भारती’ मासिक के संपादक रमेश दत्त शर्मा के विश्वविद्यालय छोड़ देने…

उत्तराखण्ड के निचले इलाकों में मौसम की पहली बर्फ़बारी

8 years ago

उत्तराखण्ड की निचली पहाड़ियों में कल दिन भर मौसम की पहली बर्फ़बारी हुई. गढ़वाल मनादल के केदारनाथ, बद्रीनाथ, चौपटा, गंगोत्री,…

मुनस्यारी से ‘बूंद’ की आवाज और धुन

8 years ago

पिछले एक साल से मुनस्यारी के तीन लड़के नवनीत, नवल और लवराज 'बूंद' गीत पर मेहनत कर रहे हैं. इस…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 54

8 years ago

  पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम…

धारचूला की रं महोत्सव 2018 से कुछ और तस्वीरें

8 years ago

धारचूला में हुए रं महोत्सव 2018 की कुछ तस्वीरें आपने कुछ दिन पहले देखी थीं. आज देखिये इस समारोह की…

प्रमोद कौंसवाल की कविता

8 years ago

वो अपनी ही कविता के एक लुटेपिटे हैरान से थकान से चूर खून और गर्द से भरे चेहरे वाले आदमी…

रात गहराने पर वह बास्केटबॉल लेकर सो जाता था

8 years ago

कुछ खिलाड़ी सचमुच अद्वितीय होते हैं, वे अपनी व्यक्तिगत शैली का इतना प्रभाव छोड़ते हैं कि खेल उनके आने के…

एक कहानी ये भी – मीनाकुमारी और धर्मेन्द्र

8 years ago

बहुत से लोग आज इस बात को यक़ीन से कहते हैं कि धर्मेन्द्र ने अपना करियर बनाने के लिए मीनाकुमारी…