सुधीर कुमार

लोहारखेत गाँव से कुछ तस्वीरें

कुमाऊं मण्डल के बागेश्वर जिले की कपकोट तहसील का एक गाँव है लोहारखेत. ये गाँव पिंडारी, कफनी और सुन्दरढूँगा ग्लेशियरों के रास्ते का एक महत्वपूर्ण पड़ाव भी है. खड़किया तक रोड बनने से पहले लोहारखेत इन यात्राओं का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव हुआ करता था. उस वक़्त सड़क मार्ग से सौंग तक जाया जाता था. सौंग से उसी दिन 4 किमी की पैदल दूरी तय कर कुमाऊं मण्डल विकास निगम की डॉरमेट्री और स्थानीय ग्रामीणों के घर में ही रुकने की व्यवस्था हुआ करती थी. मेरी जानकारी में यह यात्रा मार्ग ही उत्तराखण्ड की ऐसी पहली जगह थी जहाँ सबसे पहले होम स्टे की शुरुआत हुई. स्थानीय ग्रामीणों ने इसकी शुरुआत भी खुद अपनी ही पहलकदमी से की थी. यहाँ के कई गाँवों में यह परम्परा आज भी बरकरार है.

लोहारखेत पहाड़ी शैली के ठेठ घरों से बना खूबसूरत गाँव है, जहाँ सरल पहाड़ी लोगों से आपका मेलजोल सहजता से बन जाता है. प्रकृति ने इसे बेपनाह खूबसूरती बख्शी है. 2013 की प्राकृतिक आपदा ने लोहारखेत और आस-पास के गाँवों को काफी हद तक प्रभावित किया था. आपदा के कुछ दिनों के बाद स्थानीय ग्रामीणों के पुनर्वास की गरज से मुम्बई से यहाँ पहुंची एक टीम का हिस्सा बनने का मौका मुझे मिला. इस टीम ने उस समय भूस्खलन रोकने के लिए यहाँ बड़े पैमाने पर स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर वृक्षारोपण किया. हाल तक सक्रिय यह टीम इस क्षेत्र में कई तरह के कामों को अंजाम दे रही है.

2014 के बसंत में इस अभियान के दौरान की कुछ जिंदादिल तस्वीरें.

सुधीर कुमार हल्द्वानी में रहते हैं. लम्बे समय तक मीडिया से जुड़े सुधीर पाक कला के भी जानकार हैं और इस कार्य को पेशे के तौर पर भी अपना चुके हैं. समाज के प्रत्येक पहलू पर उनकी बेबाक कलम चलती रही है. काफल ट्री टीम के अभिन्न सहयोगी.

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Sudhir Kumar

Recent Posts

पहाड़ का वह बूढ़ा पिता

पहाड़ के एक छोटे-से गाँव में एक पिता रहता था. उम्र अब ढलने लगी थी,…

2 days ago

कुमाऊं में रामलीला की परम्परा

सांस्कृतिक परम्परा की दृष्टि से उत्तराखण्ड एक समृद्ध राज्य है. समय-समय पर यहां के कई…

6 days ago

‘पायर’ फिल्म के सुलगते सवाल…

जाने-माने पत्रकार, साहित्यकार और फिल्म निर्देशक विनोद कापड़ी से कल शाम मुलाकात हुई. दरअसल,उनके निर्देशन में…

6 days ago

हुक्का क्लब अल्मोड़ा की रामलीला से एक्सक्लूसिव तस्वीरें

उत्तराखंड की सांस्कृतिक राजधानी अल्मोड़ा के मुख्य आकर्षण में से एक रामलीला का मंचन इन…

6 days ago

‘पायर’ पहाड़ की ठोस पीठ है

लोग इसे पहाड़ और पलायन की कहानी की तरह देखेंगे. लोग इसे खंडहर होते जा…

1 week ago

धन सिंह राणा ‘संघर्षनामा’

पिछली कड़ी : सागर से शिखर तक : स्वामी मन्मथन संघर्षनामा का ये किस्सा आजादी…

1 week ago