उत्तराखण्ड में पर्यटन की असीम संभावनाओं पर पलीता लगाता सरकारी तंत्र

8 years ago

पर्यटन को उत्तराखण्ड के आर्थिक विकास के प्रमुख स्रोत के रूप में देखा जाता रहा है. बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री,…

उत्तराखण्ड का नाम सगरमाथा के माथे पर लिख देने वाली महिला

8 years ago

निखालिस पहाड़ी बछेंद्री पाल संसार की सबसे ऊंची पर्वत श्रृंखला ‘माउंट एवरेस्ट’ को फतह करने वाली दुनिया की 5वीं और…

ऐसे होते थे 1989 में कुमाऊँ में बीड़ी-सिगरेट के विज्ञापन

8 years ago

2018 में दस रुपये की एक छोटी गोल्ड फ्लैक की बत्ती सुनकर मेरी आँखे फटी रह गयी थी क्योंकि मेरा…

हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने: 68

8 years ago

पिछली कड़ी का लिंक: हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने- 67 हल्द्वानी का विस्मृत इतिहास (Forgotten History of Haldwani) सामाजिक…

अपार संभावनाएं हैं कुमाऊं के जोहार घाटी में साहसिक पर्यटन की

8 years ago

उत्तराखण्ड के कुमाऊं के उच्च हिमालयी क्षेत्र में साहसिक पर्यटन की अपार सम्भावनाएं हैं. इनमें मुख्य रूप से पिंडारी, कफनी,…

कुमाऊँ के पशुचारकों का देवता चौमू

8 years ago

चौमू देवता का मूलस्थान चम्पावत जनपद में गुमदेश स्थित चमलदेव में है किन्तु चम्पावत के अतिरिक्त पिथौरागढ़ में वड्डा के…

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 94

8 years ago

डा. वासुदेव शरण अग्रवाल ने एक जगह लिखा है - “लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते सूत्र हैं.” यदि…

झंगोरा: पहाड़ का पारंपरिक व पौष्टिक अनाज

8 years ago

विभिन्न नामों से जाना जाता है झंगोरा उत्तराखण्ड में झंगोरा (Jhangora) नाम से पहचाने जाने वाले अनाज का वानस्पतिक नाम…

Nainital’s Sherwood before Independence

8 years ago

Read in Hindi Need for a good school was felt after the European settlement in Nainital. This requirement was first…

आजादी से पहले नैनीताल का शेरवुड

8 years ago

Read in English नैनीताल में यूरोपियन बस्ती बसने के बाद एक अच्छे स्कूल की जरुरत महसूस की गयी. इस जरुरत…