प्रेम कविता में दरवाजा - हेमंत कुकरेती उसने तय किया भूख मिट जाएवह प्रेम की कविता लिखेगाजिसमें प्रेम नामक शब्द…
इन दिनों पहाड़ों में धान की रोपाई चल रही है. मानसून के आगमन में हुई देर के बावजूद कुमाऊँ-गढ़वाल के…
शरद में पीले पड़े पत्तों वाला खूबसूरत लैंडस्केप नहीं यह भरपूर बरसातों वाली जुलाई में बिनसर के जंगल की कल…
उत्तराखंड की राजनीति में शराब की हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका रही है फिर वह चुनाव के दौरान हो या चुनाव के…
न किताब छन- न किताबें हैंन मासाब छन- न मास्टर साहब हैंकी छ पें?- क्या है फिर?कि चैं पें?- क्या…
आज जब पिथौरागढ़ के छात्रों द्वारा पुस्तक और शिक्षक के लिये चल रहे आन्दोलन को राष्ट्रीय मिडिया ने दिखाना शुरु…
चैंस कह लो, चैंसा या फिर चैंसू. नाम अलग-अलग अंचलों में कुछ फर्क के साथ अलग हों, लेकिन इसका स्वाद…
उत्तराखण्ड के दोनों ही मंडलों, कुमाऊँ व गढ़वाल, में खाल शब्द कई जगहों के नामों में जोड़ा जाता है. दोनों…
तेज गर्मी हो रही है. सलमान खान अकेला धूप में पहाड़ के खंडर हो चुके एक गांव में झुलसता हुआ…
नेपाल कहने को तो भारत की तरह ही एक कृषि प्रधान देश है जिसकी 75 फ़ीसदी आबादी कृषि पर निर्भर…