उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल सुदर्शन अग्रवाल की मृत्यु हो गयी है. सुदर्शन अग्रवाल उत्तराखंड के अतिरिक्त उत्तर प्रदेश और सिक्किम के भी राज्यपाल रहे थे. सुदर्शन अग्रवाल उत्तराखंड के दूसरे राज्यपाल थे.
उन्होंने तीन वर्षों तक राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य के रूप में कार्य किया. वर्ष 1981 से 1993 तक राज्यसभा के सदस्य रहे सुदर्शन अग्रवाल का जन्म लुधियाना में हुआ था. सुदर्शन अग्रवाल एक उच्चकोटि के कानूनविद भी थे.
सुदर्शन अग्रवाल की मृत्यु पर उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने गहरा शोक व्यक्त किया. राज्यपाल ने स्वर्गीय अग्रवाल की आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है.
अपने शोक संदेश में राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि
स्व0 अग्रवाल एक कुशल प्रशासक, श्रेष्ठ विधिवेत्ता और महान समाजसेवी थे. उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में उन्होंने प्रदेश के विकास हेतु सदैव एक आदर्श दृष्टिकोण अपनाया. उनके द्वारा प्रदेश की गरीब बालिकाओं हेतु देहरादून में स्थापित हिम ज्योति स्कूल प्रदेश के लिए एक धरोहर है. श्री अग्रवाल ने सिक्किम और उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के रूप में भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन भलीभाँति किया. वे राज्यसभा के महासचिव भी रहे. उनके निधन से सार्वजनिक जीवन का एक चमकता हुआ नक्षत्र विलुप्त हो गया.
-काफल ट्री डेस्क
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