Featured

पहाड़ी जाड़े की सौग़ात: सना हुआ नींबू

पहाड़ी नींबू करीब करीब बड़े दशहरी आम जितने बड़े होते हैं. माल्टा मुसम्मी और संतरे के बीच का एक बेहद रसीला फल होता है. ताज़ी पहाड़ी मूली में ज़रा भी तीखापन नहीं होता. भांग के बीजों में नशे जैसी कोई बात नहीं होती और कुमाऊं-गढ़वाल में जाड़ों में बनने वाले तमामतर व्यंजनों में इस का इस्तेमाल होता है.

फोटो : http://www.banaraskakhana.com से साभार

वांछित सामग्री:

बड़े पहाड़ी नींबू – २
पहाड़ी माल्टे – २
पहाड़ी मूली – १
दही – १/२ किलो
हरे धनिये और हरी मिर्च से बना मसालेदार नमक
भांग के भुने बीजों का चूरन
कतला हुआ गुड़ – ५० ग्राम

बनाने का तरीका:

नीबू और माल्टे छील कर छोटे-छोटे टुकड़े कर लें. मूली के भी लम्बाई में टुकड़े कर लें. एक बड़ी परात में ऊपर लिखी सारी सामग्री मिलाकर सान लें. बस स्वाद के हिसाब से मीठा-नमकीन देख लें.

खाने की विधि:

आमतौर पर काम-काज से निबटने के बाद घरेलू महिलाओं द्वारा इसे थोक में खाया जाता है. पुरुषों को करीब करीब भीख में मिलने वाले इस सान की मात्रा महिलाओं के मूड पर निर्भर करती है. इसे सर्दियों के गुलाबी सूरज में खाया जाए, ऐसा पुराने और विशेषज्ञ पाकशास्त्रियों का मत है.

इसे खाते वक्त महिला-मंडली में एक या दो अनुपस्थित महिलाओं का रोल सबसे महत्व का माना जाता है. इन्हीं अनुपस्थित वीरांगनाओं की निन्दा इस अलौकिक व्यंजन के स्वाद का सीक्रेट नुस्खा है.

-अशोक पांडे

हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें : Kafal Tree Online

पहाड़ियों के व्यक्तित्व की सरलता बयां करता है हरा नमक

काफल एक नोस्टाल्जिया का नाम है

एक ऐसा गणितज्ञ जिसने साहित्य का नोबेल पुरुस्कार जीता

रवीन्द्रनाथ टैगोर उत्तराखण्ड के रामगढ़ में बनाना चाहते थे शांतिनिकेतन
अल्मोड़ा में रामचंद्र गुहा का भाषण : दस कारण जो गांधी को अब भी प्रासंगिक बनाते हैं

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Girish Lohani

View Comments

  • कृपया चावल के आटे से बनने वाले पहाड़ी मीठे व्यंजन की रेसिपी भी शेयर करें यह हमने नैनीताल में किसी के घर खाया था और आज तक उसका स्वाद याद है लेकिन नाम भी नहीं पता।

Recent Posts

उत्तराखंड के पहाड़ों का कटु सत्य है पायर “चिता”

विनोद कापड़ी द्वारा निर्मित चर्चित फ़िल्म पायर "चिता" पूरे देश में रिलीज गई है. 26…

2 days ago

डॉ. रघुनन्दन सिंह टोलिया: उत्तराखंड के इतिहास, समाज और अर्थव्यवस्था को समझने की एक दृष्टि

पिछली कड़ी : धन सिंह राणा ‘संघर्षनामा’ डॉ. रघुनन्दन सिंह टोलिया की पुस्तक, "द कुमाऊं…

2 days ago

पहाड़ का वह बूढ़ा पिता

पहाड़ के एक छोटे-से गाँव में एक पिता रहता था. उम्र अब ढलने लगी थी,…

2 weeks ago

कुमाऊं में रामलीला की परम्परा

सांस्कृतिक परम्परा की दृष्टि से उत्तराखण्ड एक समृद्ध राज्य है. समय-समय पर यहां के कई…

3 weeks ago

‘पायर’ फिल्म के सुलगते सवाल…

जाने-माने पत्रकार, साहित्यकार और फिल्म निर्देशक विनोद कापड़ी से कल शाम मुलाकात हुई. दरअसल,उनके निर्देशन में…

3 weeks ago

हुक्का क्लब अल्मोड़ा की रामलीला से एक्सक्लूसिव तस्वीरें

उत्तराखंड की सांस्कृतिक राजधानी अल्मोड़ा के मुख्य आकर्षण में से एक रामलीला का मंचन इन…

3 weeks ago