खुद पर यकीन करोगे, तो कामयाबी कदम चूमेगी

6 years ago

सोचने से सब हो सकता है. कुछ भी. अगर हम पूरे विश्वास और भक्ति के साथ सड़क पर पड़े किसी…

बहादुर पहाड़ी बेटा और दुष्ट राक्षसी की कथा

6 years ago

ई. शर्मन ओकले और तारादत्त गैरोला की 1935 में छपी किताब ‘हिमालयन फोकलोर’ में कुमाऊँ और पश्चिमी नेपाल की लोककथाओं…

क्या हम इतने बुरे थे

6 years ago

कल कमाल हो गया. हम लिखते और देखते ही रह गए और हमारा मित्र अमर हो गया. कल आलोचक जी…

दारमा घाटी: स्वर्गारोहण के दौरान जहां पांडवों ने पांच चूल्हे लगाकर अंतिम भोजन बनाया

6 years ago

दारमा घाटी की ख़ूबसूरती की व्याख्या शब्दों में कर पाना बहुत कठिन है. इन तस्वीरों को देखकर आप महसूस कर…

डरे हुये बच्चों की दवा होता था आमा के हाथ का बिंदा

6 years ago

आमा के हाथ का जादू सिर्फ खाने के जायके तक सीमित नहीं था. उसके हाथों ने गॉंव के उन तमाम…

कुमाऊनी लोककथा- पत्नी और बच्चों के लिये बाघ के उड्यार पर कब्जा जमाने वाले सियार की कहानी

6 years ago

कहते हैं काली नदी के किनारे के घने जंगल में एक आलसी सियार और उसका परिवार रहता था. जंगल की…

हल्द्वानी वाले बुआ-फूफा जी और उनके स्मार्ट फोन

6 years ago

उनकी गृहस्थी सुन्दर थी. फूफा बुआ को स्कूटर पर घुमाते थे. हर इतवार या छुट्टी के दिन वे दोनों किसी…

पीन सुंदरी: उत्तराखण्ड की नायिका कथा

6 years ago

मेरे एक दोस्त कहते थे महिलाएँ सब एक सी होती हैं. उनका संदर्भ शायद शेक्सपियर के औरत तेरा दूसरा नाम…

दादा दौलतराम : टिहरी रियासत के विरुद्ध जन-संघर्षों का अग्रणी व्यक्तित्व

6 years ago

‘‘आज तक राजा ने हमको पढ़ने-लिखने का अवसर नहीं दिया जिससे हम बायां अंगूठा लगाने को मजबूऱ हैं, लेकिन अब…

ढलती उम्र में बेडौल शरीर की स्त्री को बच्चा ही ख़ास होने का एहसास दिलाता है

6 years ago

4G माँ के ख़त 6G बच्चे के नाम – 60 (Column by Gayatree Arya 60)पिछली किस्त का लिंक: सभी मां-बाप बचपन से बच्चों…