समाज

इतिहास में याद रखी जाएँगी चार मई की शराब की कतारें

भारत के इतिहास में चार मई को ऐतिहासिक दिन के रूप में शामिल किया जाएगा. करना भी चाहिए. ऐसा इसलिए कि इतनी संख्या में शराब लेने के लिए भीड़ पहले कभी नहीं उमड़ी रही होगी. मेरे जीवनकाल में तो कभी नहीं. शराब का महत्व तो हमेशा से रहा. प्राचीन काल में भी हम शराब के बारे में सुनते हैं और अब तो पूछो नहीं. 40 दिन के लॉकडाउन के बाद खुली चंद शराब की दुकानों में उमड़े रेले से आप सभी ने अंदाजा लगा लिया होगा. एक-एक किलोमीटर तक की कतार. हर देखने वाला भौंचक रह गया. जिसने भी सुना और देखा, उसके लिए किसी अजूबे से कम नहीं था. खुद शराब लेने वाले भी आश्चर्य में थे. Alcohol in the time of Corona Ganesh Joshi

शराब के महत्व को लेकर न जाने बॉलीवुड में कितने गाने बने हैं, कितनी गजलें शराब से ही महकती हैं. महफिलें तो शराब से ही दमकती हैं. वैसे भी सभी देशों के टॉप 100 गीतों में 20 गाने शराब के हैं. प्रसिद्ध कवि हरिवंश राय बच्चन की कविता की ये पंक्तियां आप सभी को याद ही होंगी, बैर बढ़ाते मंदिर मस्जिद, मेल कराती मधुशाला.

शराब को लेकर प्रसिद्ध विचारक ओशो के विचार भी कम दिलचस्प नहीं हैं. कहते हैं, अगर भीतर ध्यान व अप्रमाद की साधना चल रही हो तो ऐसे पदार्थ मत लो जो बेहोशी बढ़ाते हों. एक आदमी शराब पीता है और तत्काल दूसरा आदमी हो जाता है. इसलिए शराबी को शराब का रस पसंद है. एक ही आदमी रहते-रहते उब जाता है. अपने से उब जाता है. जब शराब पीता है. मजा आता है. नई जिंदगी हो जाती है. नया आदमी हो जाता है. नया आदमी कौन है, यह शराब से नहीं आता है. शराब आपके भीतर कुछ पैदा नहीं कर सकती, जो छिपा है उसे उकसा सकती है. जगा सकती है. Alcohol in the time of Corona Ganesh Joshi

ओशो आगे कहते हैं, शराब पीकर मजे की घटनाएं होती हैं. एक आदमी शराब पीकर उदास हो जाता है, एक आदमी प्रसन्न हो जाता है. एक आदमी गाली गलौच करने लगता है और एक आदमी मौनी हो जाता है. एक आदमी नाचने-कूदने लगता है. एक आदमी शिथिल होकर मुर्दा हो जाता है. सोने की तैयारी करने लगता है.

एक अनुमान के मुताबिक भारत में लगभग 80 करोड़ लीटर शराब पैदा की जाती है. सात प्रतिशत भारतीयों में शराब की ऐसी बुरी लत है कि वे उसके बिना जी नहीं सकते.

शराब के बारे में जितना लिखा जाए, कम है. फिर भी दुनिया भर के प्रचलित तथ्यों की ओर आपका ध्यान खीचंता हूं, शराब पीने के छह मिनट बाद नशा शुरू हो जाता है. खाली पेट शराब पीने से तीन गुना ज्यादा नशा होता है. एक बोतल वाइन बनाने के लिए लगभग 600 अंगूर चाहिए. Alcohol in the time of Corona Ganesh Joshi

लॉकडाउन में आपने शराब को लेकर जितना सहन किया होगा, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन एक दिन में 7.5 प्रतिशत से ज्यादा शराब पीने को ओवर ड्रिकिंग मानता है.

गणेश जोशी

यह भी पढ़ें: मेरी अबू, तू कहां गई मुझे उदास छोड़ कर

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गणेश जोशी
हल्द्वानी निवासी गणेश जोशी एक समाचारपत्र में वरिष्ठ संवाददाता हैं. गणेश सोशल मीडिया पर अपनी ‘सीधा सवाल’ सीरीज में अनेक समसामयिक मुद्दों पर ज़िम्मेदार अफसरों, नेताओं आदि को कटघरे में खड़ा करते हैं. काफल ट्री के लिए लगातार लिखते रहे हैं.

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