समाज

उत्तराखंड के एक गांव में लोगों ने मरीज को हेलीकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाने के लिये जुटाए 2 लाख रुपये

बीती शाम उत्तराखंड के मुख्यमंत्री फेसबुक के माध्यम से सीधे जनता के जवाब देते दिखे. इस साल के उत्तराखंड बजट पर राज्य की जनता से सीधे संवाद में मुख्यमंत्री ने अपनी एयर एम्बुलेंस सेवा की जमकर तारीफ़ की. Air Ambulance Service in Uttarakhand

उत्तराखंड की एयर एम्बुलेंस सेवा की हालत क्या है इसके लिए एक दिन पहले की घटना काफी है. चमोली जिले में एक गांव है उस्तोली. बीते बुधवार के दिन रात के समय स्थानीय बाजार से लौट रहा गांव का युवक प्रदीप सीढ़ियों से गिर गया.

गंभीर चोट के कारण वह रातभर वहीँ पड़ा रहा. अगली सुबह उस्तोली गांव के लोग प्रदीप को सीएचसी सेंटर ले गये. जाहिर है जैसा पहाड़ के मरीजों के लिये यहां के अस्पताल रेफर सेंटर से अधिक कुछ हैं नहीं सो इस मामले में भी प्रदीप को पहले गोपेश्वर रेफर किया गया जहां से ऋषिकेश एम्स में उसे फिर रेफर किया गया.

इन मौकों के लिये ही उत्तराखंड सरकार की एयर एम्बुलेंस सेवा बनी है. होना चाहिये था कि प्रदीप को तुरंत एयर एंम्बुलेंस से ऋषिकेश पहुंचाया जाता लेकिन ऐसा नहीं हुआ. प्रदीप के परिजनों को जब एयर एम्बुलेंस की कही से कोई उम्मीद नज़र नहीं आई तो परिजनों और गांव वालों मिलकर 2 लाख रूपये इकठ्ठा किये और जिला प्रशासन ने देहरादून से हेलीकॉप्टर मंगाया और प्रदीप ऋषिकेश पहुंचा. Air Ambulance Service in Uttarakhand

पपहाड़ के समाज की नींव इसी सामाजिक एकता पर पड़ी है यह घटना इसका एक बड़ा उदाहरण है. सरकार भले अपने राज्य की जनता के साथ न खड़ी हो लेकिन पहाड़ के लोग एक दूसरे के साथ हर मौके पर खड़े रहते हैं.

ख़बर लिखे जाने तक ऋषिकेश में डाक्टरों ने प्रदीप के आपरेशन की बात कही है. मुख्यमंत्री के फेसबुक लाइव को यहां देख सकते हैं :

काफल ट्री डेस्क

इसे भी पढ़ें :

गर्ब्यांग गांव के काकू और उनकी जड़ी-बूटियों की खुशबू वाली जादुई चाय

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

कुमाऊँ की विलुप्त होती जन्माष्टमी पट्ट-चित्र परम्परा

कुमाऊँ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल भगवान कृष्ण के जन्म का धार्मिक पर्व नहीं रही है,…

1 week ago

बद्रीदत्त पांडे और इंद्र सिंह नयाल ने रखा था ‘उत्तराखंड राज्य की संकल्पना’ का वैचारिक आधार

पिछली कड़ी : पहले समाज बदलो, राज्य अपने आप सार्थक हो जाएगा : इंद्र सिंह नयाल इन्द्र…

2 weeks ago

आकर्षक कलेवर में आंचलिक परिवेश की किताब “टुकड़ा-टुकड़ा जिंदगी”

पूरी तरह आंचलिक परिवेश में तैयार, "टुकड़ा टुकड़ा जिंदगी" वरिष्ठ इतिहासकार डॉ निर्मल जोशी की नव प्रकाशित…

2 weeks ago

भूख न तीस न डर न फिकर छ्, मुट्ट बोटीं छन कसीं कमर छ्

ये सितंबर 1994 की सुबह थी जब खटीमा में पूर्व सैनिकों का जुलूस निकल रहा था. पूर्व…

2 weeks ago

उत्तराखण्ड के सरोवर

उत्तराखण्ड को सामान्यतः हिमालय, नदियों, झरनों और जलधाराओं की भूमि के रूप में जाना जाता है. किंतु…

2 weeks ago

दौड़ता अल्मोड़ा : फ़ोटो निबंध

पिछले 3 सालों से अल्मोड़ा के कुछ जागरूक युवा अल्मोड़ा मानसून मैराथन का आयोजन कर रहे हैं,जिसमें…

2 weeks ago