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अंकिता हत्याकांड : क्या वजनदार ‘वीआईपी’ को बचाया जा रहा है?

उत्तराखण्ड में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने मुख्यमंत्री धामी को संबोधित करते हुए कहा है कि जिस वीआईपी के लिए अंकिता पर ‘स्पेशल सर्विसेज’ देने का दबाव डाला जा रहा था उसकी गिरफ़्तारी अभी तक क्यों नहीं हुई है.

इससे पहले उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी इस पर बयान दे चुके हैं. त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा था कि अंकिता हत्याकांड में बार-बार जिस वीआईपी का नाम आ रहा है उसका खुलासा होना जरूरी है. उन्होंने यह भी कहा था कि सरकार चाहे तो घटना की सीबीआई जांच भी कराई जा सकती है. (VIP Ankita murder case)

इसे भी पढ़ें : अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच क्यों नहीं?

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी फेसबुक वाल पर लिखा है कि-
“माननीय मुख्यमंत्री जी #अंकिता_भण्डारी ने अपनी पोस्ट में जिस #VIP का जिक्र किया था और यह कहा था कि एस्कॉर्ट करने के लिए मेरे ऊपर दबाव डाला जा रहा है. अभी तक उस वीआईपी की गिरफ्तारी का न होना लोगों को चिंता डाल रहा है! राजनीतिक लोगों के जेहन में वह चेहरा कुछ-कुछ साफ होने लगा है. लोगों को संदेह है कि वह वीआईपी बहुत ही वजनदार व्यक्ति है और उत्तराखंड के राजनीतिक घटनाक्रम से उसका पहले भी संबंध रहा है. ज्यों-ज्यों ये बातें चर्चा में आ रही हैं, लोगों की चिंता और गहरी होती जा रही है! मैं राज्य के प्रबुद्ध जनमानस से प्रार्थना करना चाहूंगा कि अपने-अपने तरीके से अगले दो-तीन दिन में अपनी चिंता को अभिव्यक्ति दीजिए‌. चाहे उपवास के माध्यम से दीजिए, चाहे बयानों के माध्यम से दीजिए, चाहे सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से दीजिए. मुख्यमंत्री जी राज्य के भरोसे को कायम रखिए.”

इसे भी पढ़ें : अंकिता भंडारी केस में अब तक क्या हुआ?

गौरतलब है कि अंकिता हत्याकांड में इस समय एसआईटी अभियुक्तों को रिमांड पर लेकर पूछताछ और जांच कर रही है. फिर भी इस मामले में अभी तक कोई अन्य गिरफ्तारी नहीं हुई है. जबकि यह साफ है कि अंकिता पर किसी ‘ख़ास मेहमान’ को खुश करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था और यह ख़ास मेहमान वह व्यक्ति भी हो सकता है जिसने शराब के नशे में धुत होकर अंकिता को जबरन गले लगाया था. अंकिता मामले में शुरुआती जानकारियों के मुताबिक़ पुलकित आर्य का रिजॉर्ट रसूखदार लोगों की अय्याशी का अड्डा था. अभी तक जांच में रिजॉर्ट में आने वाले इन रसूखदार ‘मेहमानों’ का खुलासा न होने से यह संदेह बढ़ता जा रहा है कि ये लोग काफी पॉवरफुल लोग हैं. इनका रसूख इतना ज्यादा है कि सत्ताधारी दल के ही पूर्व मुख्यमंत्री तक के बयानों को इस मामले में अनदेखा किया जा रहा है.

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Sudhir Kumar

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