नशे के खिलाफ कई राज्य हुए एक साथ

प्रदेश भर के स्कूलों व कालेजों में छात्रों में गलत संगत के कारण बढ़ते नशे के चलन को देखते हुए पुलिस मुख्यालय देहरादून ने एंटी ड्रग्स टास्क फ़ोर्स का गठन किया है. शिक्षकों को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी जायेगी. इसके तहत वह नशा करने वाले छात्रों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे. नशा करने वाले छात्रों की जानकारी उनके अभिभावकों एवं पुलिस को दी जायेगी.

इसके अलावा नशे के खिलाफ पंजाब की जंग में हरियाणा और उत्‍तर भारत के अन्‍य राज्‍य भी शामिल हो गए है. ड्रग के दानव से निपटने के लिए हरियाणा की पहल पर सात राज्यों ने हाथ मिलाए हैं. नशा तस्करों का नेटवर्क तोड़ने के लिए हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और चंडीगढ़ साझा सचिवालय बनायेंगे. यहां से नशा तस्करों के खिलाफ पूरी रणनीति को अंजाम दिया जाएगा. यह साझा सचिवालय हरियाणा व पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ के साथ लगते शहर पंचकूला में खुलेगा. इसके लिए खुद हरियाणा आगे बढ़कर प्रयास करेगा. इसके अलावा इसके अलावा जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश की सरकारों को भी नशे से निपटने की लड़ाई में शामिल किया जाएगा.

नशा कई तरह का होता है, जिसमें शराब, सिगरेट, अफीम, गांजा, हेरोइन, कोकीन, चरस मुख्य है. नशा एक ऐसी आदत है, जो किसी इन्सान को पड़ जाये तो, उसे दीमक की तरह अंदर से खोखला बना देती है. उसे शारीरिक, मानसिक व आर्थिक रूप से बर्बाद कर देती है. जहरीले और नशीले पदार्थ का सेवन इन्सान को बर्बादी की ओर ले जाता है. इस समय पंजाब नशाखोरी से सबसे अधिक प्रभावित राज्य है. हरियाणा में भी नशा तस्करों का जाल तेजी से फैला है, हिमाचल प्रदेश भी इससे अछूता नहीं है. उत्तराखंड  में भी नशे की वजह से आये दिन अलग-अलग तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. हाईकोर्ट कोर्ट ने उत्तराखंड के सभी हिस्सों में 434 दवाइयों को  भी प्रतिबंधित कर दिया गया है. इस दिशा में सरकार औए कोर्ट के दिशा निर्देशों के बाद सकारात्मक उम्मीद की आस है.  इस मुहिम को सभी का  व्यापक समर्थन  मिल रहा है.

अब हरियाणा सहित अन्य राज्यों के साथ आने से उनकी नशे के खिलाफ मुहिम को और बल मिलेगा. हरियाणा की मेजबानी में विगत दिनों मुख्यमंत्रियों की बैठक में नशे की समस्या से निपटने में आ रही मुश्किलों और नई रणनीति पर खुलकर बातचीत हुई थी.  हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत अफसरों की टीम के साथ बैठक में शामिल हुए.

 

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