समाज

उत्तराखंड पुलिस के एस.आई. लोकेन्द्र बहुगुणा की इस तस्वीर ने देश का दिल जीत लिया

कोरोना महामारी के बीच दुनिया भर में इससे सीधे लड़ने वाले डॉक्टर, पुलिस कर्मचारी, सफाई कर्मचारी, बैंक कर्मचारी की अलग-अलग कहानियां और फोटो वायरल हो रही हैं. ऐसी ही एक पुलिस वाले की तस्वीर भी वायरल हो रही है जिसमें वह घर के आंगन में दरवाजे के बाहर बैठा खाना खा रहा है. पहले तस्वीर देखिये : Lokendra Bahuguna

तस्वीर में जो व्यक्ति है इनका नाम है लोकेन्द्र बहुगुणा. लोकेन्द्र टिहरी के रहने वाले हैं और इन दिनों देहरादून के लक्ष्मणचौक की चौकी में एस.आई. के पद पर कार्यरत हैं. लोकेन्द्र पिछले छः दिनों से ड्यूटी पर होने के कारण घर नहीं जा पाये थे.

जब घर गये तो उनका इंतजार उनकी पत्नी और दो बच्चे कर रहे थे. इतने दिनों बाद पत्नी और बच्चों को गले से लगा लेने का मन सभी का करता है लेकिन एहतियात रखते हुए घर के बाहर ही रहे. पत्नी ने उनके लिये खाना बाहर ही रख दिया जिसे कुछ देर में खाकर लोकेन्द्र फिर चले अपनी ड्यूटी पर.

लोगों की सुरक्षा में लगे इस जवान से उन लोगों को सीख लेनी चाहिये जो अब भी सड़कों पर अकारण घूम रहे हैं. सोशल डिस्टेंस की जिम्मेदारी सामूहिक जिम्मेदारी है. Lokendra Bahuguna

उत्तराखंड पुलिस ने भी अपने जवान को सराहते हुये अपने फेसबुक वाल पर लिखा है कि

लॉकडाउन ड्यूटी में लगे देहरादून के लक्ष्मणचौक चौकी में तैनात SI लोकेन्द्र बहुगुणा 6 दिन बाद पहली बार अपने दो मासूम बच्चों और पत्नी से मिलने घर गये. घर पहुंचे तो बच्चे अपने पिता को इतने दिन बाद देख दौड़ पड़े. परंतु लोकेन्द्र बहुगुणा घर के बाहर ही रहे और बच्चों को 10 फिट दूर दरवाजे से ही देखते रहे. एक सप्ताह में हजारों लोगों के संपर्क में आये होंगे तो अपने परिवार की सुरक्षा के लिए अपने ही घर से गैर बन गए और बाहर आंगन में बैठकर पत्नी और बच्चों से बातचीत की. पत्नी ने खाना भी बाहर ही रख दिया जिसे कुछ मिनटों में खाकर वे फिर से अपने कर्तव्य आपकी सुरक्षा के लिए सड़कों पर उतर आए.
आपकी सुरक्षा में लगे हमारे जवान अगर सोशल डिस्टेंस को अपना सकते हैं, तो आप क्यों नहीं. आपसे विनम्र अनुरोध है कृपया लॉकडाउन के निर्देशों और सोशल डिस्टेंसिंग का गंभीरता से पालन करें. यह आप और आपके परिवार की सुरक्षा के लिए है.

हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें: Kafal Tree Online 

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

कर्ज पर युधिष्ठिर का जवाब : लोककथा

बड़ी पुरानी बात है. पांडु राजा के पाँच पुत्र थे, पांडव और धृतराष्ट्र के सौ…

2 days ago

दिव्य आम का स्वाद जीभ पर नहीं पेट के सबसे चोर हिस्से पर कब्ज़ा जमाता है

हमारे इलाक़े में लंगड़ा आम अमूमन इन्हीं दिनों यानी जून के तीसरे-चौथे हफ़्ते में सलीके…

2 days ago

उत्तराखंड राज्य की अवधारणा किसी एक नेता या आंदोलन से नहीं बनी

पिछली कड़ी : एटकिंसन : पहाड़ आधारित प्रशासन का निर्माता हिमालय को जानने समझने व…

2 weeks ago

एक ‘युवा’ एथलीट जिनकी उम्र 92 वर्ष है!

आम तौर पर एक उम्र के बाद व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से अशक्त, बेबस…

2 weeks ago

रिंगाल: पहाड़ की बुनावट में छिपा रोजगार और जीवन

पहाड़ों में जीवन हमेशा प्रकृति के साथ जुड़कर चला है. यहाँ जंगल सिर्फ पेड़ों का…

2 weeks ago

हिमालय के गुमनाम नायक की कहानी

इस तस्वीर में आपको दिख रहे हैं "पंडित नैन सिंह रावत" — 19वीं सदी के उन महान…

1 month ago