Uncategorized

उत्‍तराखंड में भारत बंद का मिलाजुला असर, कई अन्य राज्यों में भी असर

एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में सवर्ण वर्ग के संगठनों की ओर से भारत बंद के आह्वान पर उत्तराखंड के अधिकतर जिलों में सुबह से ही बाजार बंद रहे. एक्ट में संशोधन को लेकर उत्तराखंड,मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों में सवर्ण संगठनों की ओर से गुरुवार को भारत बंद का आह्वान किया गया.

टिहरी में ही कहीं भारत बंद को समर्थन मिल रहा है तो कहीं इसका कोई असर नहीं है. देहरादून जिला प्रशासन ने पूरे देहरादून जिले धारा 144 लागू की है. ऋषिकेश में भारत बंद के आह्वान को लेकर प्रशासन अलर्ट पर है. चमोली जिले के गौचर में एससी एसटी एक्ट के विरोध में भारत बंद का व्यापक असर रहा. सुबह से ही बाजार पूरी तरह से बंद रहा. जिससे दूध, दवा जैसी आवश्यक सेवाओं के प्रतिष्ठान भी ठप रहे. कर्णप्रयाग, नारायणबगड़, थराली और गैरसैंण में बाजार बंद रहे. अखिल भारतीय समानता मंच के आवाह्न पर यहां बाजार बंद रहा. वहीं बागेश्वर, अल्मोड़ा के चौखुटिया और हल्द्वानी बाज़ार में भी बंद का असर देखने को मिला.

वहीं बिहार के आरा में बंद समर्थकों ने बाजारों को बंद कराने के साथ ही ट्रेनें भी रोकी हैं. आरा के अलावा दरभंगा और पटना में बड़े पैमाने पर विरोध हो रहा है. मध्यप्रदेश में 10 जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है. और एहतियातन हालातों को काबू में रखने के लिए 10 बजे से 4 बजे तक पेट्रोल पंपों को बंद रखा गया है. कुछ शहरों में शिक्षण संस्थान और इंटरनेट बंद है.

राजस्थान में अगड़ी जातियों ने सड़क पर उतरने का ऐलान किया है. राजस्थान के चित्तौड़गढ़ भारत बंद का असर दिख रहा है. यहां पूरी तरह से बाजार बंद हैं. इस क्षेत्र में करणी सेना की अगुवाई में प्रदर्शन हुआ. उत्तरप्रदेश राज्य में कुल 11 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है. मुजफ्फरनगर में भी धारा 144 लागू कर दी गई . लखनऊ, इलाहाबाद, कानपुर जैसे बड़े शहरों में आज बाजार पूरी तरह से बंद हैं.

 

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

‘पायर’ पहाड़ की ठोस पीठ है

लोग इसे पहाड़ और पलायन की कहानी की तरह देखेंगे. लोग इसे खंडहर होते जा…

21 hours ago

धन सिंह राणा ‘संघर्षनामा’

पिछली कड़ी : सागर से शिखर तक : स्वामी मन्मथन संघर्षनामा का ये किस्सा आजादी…

2 days ago

गौरा को किसी से शिकायत नहीं थी

गाँव में सब उसे जानते थे. कोई उस के पास सब्जी लेने आता तो वह…

4 days ago

देवदार या देव दारु

देवदार या देव दारुः देवों के वृक्ष मुख्य रूप से हिमालय मे लगभग डेढ़ हज़ार…

1 week ago

कसारदेवी : जहां स्वर्ग के सबसे करीब होने का अहसास होता है

“कसारदेवी या अल्मोड़ा जैसी छोटी सी जगह में ऐसा क्या है जो दुनियाभर से लोगों…

1 week ago

दुर्गम पहाड़ों तक कैसे पहुंचे महाराष्ट्र-गुजरात के पर्व

बचपन में हमें होली-दिवाली और राखी के अलावा मकर संक्रांति, घी त्यार और फूलदेई जैसे उत्सवों…

2 weeks ago