Prof. Mrigesh Pande

दूनागिरी पर्वत पर बसा द्वाराहाट का विभाण्डेश्वर महादेव तीर्थदूनागिरी पर्वत पर बसा द्वाराहाट का विभाण्डेश्वर महादेव तीर्थ

दूनागिरी पर्वत पर बसा द्वाराहाट का विभाण्डेश्वर महादेव तीर्थ

दूनागिरी पर्वत उपत्यका में बसी द्वाराहाट की नयनाभिराम कौतुक भरी पर्वत घाटी धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से समृद्ध होने के…

5 years ago
तराई और उसके रहवासियों का इतिहासतराई और उसके रहवासियों का इतिहास

तराई और उसके रहवासियों का इतिहास

कहा जाता है कि प्राचीन महाकाव्य काल में उत्तराखंड का तराई -भाभर इलाका ऋषि मुनियों की तपोस्थली थी. सीतावनी में…

5 years ago
वैशाख में बिखौती – विषुवत संक्रांति के दिन विष झाड़ने के जतनवैशाख में बिखौती – विषुवत संक्रांति के दिन विष झाड़ने के जतन

वैशाख में बिखौती – विषुवत संक्रांति के दिन विष झाड़ने के जतन

वैशाख आते ही रवि  की फसल, गेहूं की सुनहरी बालियाँ पहाड़ के उपराऊ सीढ़ी दार खेतों से ले कर तलाऊँ…

5 years ago
आसमां छूते पहाड़ों के बीच सुसाट-भुभाट के साथ बलखाती काली और उसके रहस्यआसमां छूते पहाड़ों के बीच सुसाट-भुभाट के साथ बलखाती काली और उसके रहस्य

आसमां छूते पहाड़ों के बीच सुसाट-भुभाट के साथ बलखाती काली और उसके रहस्य

उत्तराखंड सीमांत और नेपाल की विभाजक है काली नदी. 1815 के बाद ब्रितानी हुकूमत ने नेपाल को कालीपार सीमा से…

5 years ago
जब साग-सब्जियों का मौसम नहीं होता तब ठेठ पहाड़ी उपयोग में लाते हैं सुखौटजब साग-सब्जियों का मौसम नहीं होता तब ठेठ पहाड़ी उपयोग में लाते हैं सुखौट

जब साग-सब्जियों का मौसम नहीं होता तब ठेठ पहाड़ी उपयोग में लाते हैं सुखौट

बेमौसम जब साग सब्जी खेतों में नहीं उगती या फिर मौसम की गड़बड़ी से दूसरी जगह से सागपात लाना मुमकिन…

5 years ago
एक था डॉक्टर एक था संत…एक था डॉक्टर एक था संत…

एक था डॉक्टर एक था संत…

कुछ विवादस्पद सवालों से भरी है अम्बेडकर -गाँधी  के 'जाति, नस्ल और जाति के विनाश' पर हुए  संवाद से उपजी…

5 years ago
चैत्र के महीने में उत्तराखंड के तीज-त्यौहार और परम्पराचैत्र के महीने में उत्तराखंड के तीज-त्यौहार और परम्परा

चैत्र के महीने में उत्तराखंड के तीज-त्यौहार और परम्परा

सब ओर प्रकृति में हरियाली सज जाती है. नई कोंपलों में फूल खिलने लगते हैं. चैत मास लग चुका है.…

5 years ago
भयो बिरज झकझोर कुमूँ में : कुमाऊं की 205 होलियों का अद्बभुत संग्रहभयो बिरज झकझोर कुमूँ में : कुमाऊं की 205 होलियों का अद्बभुत संग्रह

भयो बिरज झकझोर कुमूँ में : कुमाऊं की 205 होलियों का अद्बभुत संग्रह

भयो बिरज झकझोर कुमूँ में, लोक जीवन के अनुभवी चितेरे व लोकथात के वरिष्ठ  जानकार डॉ. प्रयाग जोशी विरचित  कुमूँ…

5 years ago
गढ़वाल के मुख्य शिव मंदिरगढ़वाल के मुख्य शिव मंदिर

गढ़वाल के मुख्य शिव मंदिर

अद्भुत भारत धर्मपूजा में ए. एल बाशम लिखते हैं कि - वैदिक देवता रूद्र से शैव संप्रदाय का विकास हुआ.…

5 years ago
पहाड़ के पारंपरिक जड़ी-बूटी ज्ञान को झोलाछाप कहकर ख़ारिज नहीं किया जा सकतापहाड़ के पारंपरिक जड़ी-बूटी ज्ञान को झोलाछाप कहकर ख़ारिज नहीं किया जा सकता

पहाड़ के पारंपरिक जड़ी-बूटी ज्ञान को झोलाछाप कहकर ख़ारिज नहीं किया जा सकता

मध्य हिमालय की जंगलों में मिलने वाली वनस्पति स्वस्थ बनाये रखने, निरोग रहने व दीर्घायु प्रदान करने के लिए गुणकारी मानी गईं. इन…

5 years ago