Keshav Bhatt

रूपकुंड यात्रा के शुरुआती दिनरूपकुंड यात्रा के शुरुआती दिन

रूपकुंड यात्रा के शुरुआती दिन

चमोली जिले में एतिहासिक धार्मिक राजजात यात्रा का एक पड़ाव है लोहाजंग. नौटी से शुरू होने वाली यह पदयात्रा करीब…

4 years ago

हिमालय में रूह तलाशता एक जिन्न

जीन डेलहाय ने यूं तो बेल्जियम में जन्म लिया लेकिन उसकी आत्मा हमेशा हिमालय की वादियों में विचरती है. साल…

4 years ago
बागेश्वर के खर्कटम्टा गांव से तीन ताम्र शिल्प कारीगरों की बात जो लुप्त होती कला को बचाने में लगे हैंबागेश्वर के खर्कटम्टा गांव से तीन ताम्र शिल्प कारीगरों की बात जो लुप्त होती कला को बचाने में लगे हैं

बागेश्वर के खर्कटम्टा गांव से तीन ताम्र शिल्प कारीगरों की बात जो लुप्त होती कला को बचाने में लगे हैं

बागेश्वर जिले के खर्कटम्टा गांव में कभी तांबे से बनने वाले बर्तनों की टन्न… टन्न की गूंज दूर घाटियों में…

5 years ago
सलाम त्रेपनदा! हरदम दिलों में रहोगे जिंदासलाम त्रेपनदा! हरदम दिलों में रहोगे जिंदा

सलाम त्रेपनदा! हरदम दिलों में रहोगे जिंदा

21 सितंबर 2014 को रविवार का वो दिन मेरे सांथ ही नागरिक मंच के सांथियों के लिए काफी चहल-पहल भरा…

5 years ago
युवाओं को भारतीय सेना के लिए प्रशिक्षित करने वाले रिटायर्ड कैप्टन नारायण सिंहयुवाओं को भारतीय सेना के लिए प्रशिक्षित करने वाले रिटायर्ड कैप्टन नारायण सिंह

युवाओं को भारतीय सेना के लिए प्रशिक्षित करने वाले रिटायर्ड कैप्टन नारायण सिंह

गरूड़ से बागेश्वर को आते वक्त मित्र दीपक परिहार ने एक बार बताया कि वो गोमती नदी के पार जो…

5 years ago
उस जमाने का रिजल्ट जब लट्ठ, बिच्छू घास और चप्पलें ही बड़े-बुजुर्गों के आंणविक व विध्वंसक हथियार होते थेउस जमाने का रिजल्ट जब लट्ठ, बिच्छू घास और चप्पलें ही बड़े-बुजुर्गों के आंणविक व विध्वंसक हथियार होते थे

उस जमाने का रिजल्ट जब लट्ठ, बिच्छू घास और चप्पलें ही बड़े-बुजुर्गों के आंणविक व विध्वंसक हथियार होते थे

अभी हाल में हर तरह के बोर्ड के रिजल्ट निकल आए हैं. कुछेक निकलने बांकी हैं. वैसे इस कोरोनाकाल में…

5 years ago
आज के वक्त में बागेश्वर की डॉ. समीउन्नेसा जैसा होना आसान नहीं हैआज के वक्त में बागेश्वर की डॉ. समीउन्नेसा जैसा होना आसान नहीं है

आज के वक्त में बागेश्वर की डॉ. समीउन्नेसा जैसा होना आसान नहीं है

उत्तराखंड का एक छोटा सा जिला है बागेश्वर. यहां के कांडा तहसील में स्वास्थ्य केन्द्र में तैनात रही डॉक्टर समीउन्नेसा…

5 years ago
हिमालय की कठिन चढ़ाई के दौरान बुजुर्गों द्वारा सूखी लाल मिर्च खाने का किस्साहिमालय की कठिन चढ़ाई के दौरान बुजुर्गों द्वारा सूखी लाल मिर्च खाने का किस्सा

हिमालय की कठिन चढ़ाई के दौरान बुजुर्गों द्वारा सूखी लाल मिर्च खाने का किस्सा

पंकज अब अपनी रौ में आ गया था. सुबह जल्दी उठो के नारे के बाद उसने कमान अपने हाथ में…

5 years ago
नागलिंग गांव में सात बार सूर्योदय और सात बार सूर्यास्त होने का किस्सानागलिंग गांव में सात बार सूर्योदय और सात बार सूर्यास्त होने का किस्सा

नागलिंग गांव में सात बार सूर्योदय और सात बार सूर्यास्त होने का किस्सा

बाद में जब इस यात्रा के बारे में नगन्यालजी से बातें हुवी तो उनके पास उनके बचपन के ढेरों किस्सों…

5 years ago
बड़े दिल वाले होते हैं जसुली शौक्याणी के गांव ‘दांतू’ में रहने वाले लोगबड़े दिल वाले होते हैं जसुली शौक्याणी के गांव ‘दांतू’ में रहने वाले लोग

बड़े दिल वाले होते हैं जसुली शौक्याणी के गांव ‘दांतू’ में रहने वाले लोग

सामने पंचाचूली बांहें फैलाए दिखी. उसका ग्लेशियर किसी खौलते हुए लावे की तरह डरावना प्रतीत हो रहा था. कुछ पलों…

5 years ago