Chandrakala

तैमूर लंग की आपबीती

"मैं उल्लू की आवाज़ को अशुभ नहीं मानता, फिर भी इस आवाज़ से अतीत और भविष्य की यादों में खो…

2 years ago

लड़ने के लिए चाहिए, थोड़ी सी सनक, थोड़ा सा पगलापन

सितम्बर 2023 को राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित युवा कवि विहाग वैभव की कविताओं का बहुचर्चित संकलन ‘‘मोर्चे पर विदा गीत’’…

2 years ago

राजी जनजीवन की झलक दिखाता एक बेहतरीन उपन्यास

‘काली वार काली पार’ पुस्तक के लेखक शोभाराम शर्मा की एक दो कृतियां बहुत पहले पढ़ी थी, जिनमें उनके जनप्रतिबद्ध…

3 years ago

सम्पूर्ण हल्द्वानी खास की भूमि नजूल है?

उत्तराखंड के नैनीताल जिले की हल्द्वानी तहसील के बनभूलपुरा क्षेत्र की अधिकाँश आबादी इन दिनों सड़कों पर है. सर्दी के…

3 years ago

टिकटशुदा रुक्का : जातीय विभेद पर टिके उत्तराखंडी समाज का पाखण्ड

टिकटशुदा रुक्का : जातीय विभेद पर टिके उत्तराखंडी समाज का पाखण्ड-चन्द्रकला ‘नवारुण’ से प्रकाशित नवीन जोशी के नवीनतम उपन्यास ‘टिकटशुदा…

6 years ago