सरकार ने उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण घोषित करने का निर्णय लिया है. सरकार के मुखिया त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एक प्रेसकांफ्रेंस जारी कर इसकी जानकारी लोगों को दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि (Summer Capital of Uttarakhand)
आज जो फैसला सरकार ने लिया है कि गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी होगी. मैं इसे समर्पित करता हूँ उन तमाम शहीदों को उन मां बहिनों को जिन्होंने इस राज्य निर्माण के लिये अपना बलिदान दिया. तमाम तरह के अपमान सहे, प्रतारणा सही. वो नौजवान जिन्होंने इस राज्य के निर्माण के लिये संघर्ष किया, उन सबको मैं आज की इस घोषणा का, जो मैंने यहां की है, उसका श्रेय भी उन्हें देता हूँ और उनको समर्पित भी करता हूँ श्रद्धांजलि के रूप में.
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आज अपना बजट भी पेश किया. लम्बे समय से चली आ रही मांग को सरकार ने आंशिक रूप से स्वीकार किया है. Summer Capital of Uttarakhand
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने फेसबुक पेज पर लिखी पोस्ट में लिखा कि
उत्तराखंड पर्वतीय राज्य है, पहाड़ में राजधानी यहां के लोगों का सपना रहा है, इसके लिए संघर्ष भी किया है. इन्हीं जनभावनाओं का सम्मान करते हुए #गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया है. इस घोषणा को मैं राज्य निर्माण के लिए कुर्बान हुए तमाम शहीदों और आंदोलनकारियों को समर्पित करता हूं.
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गैरसैंण गीष्मकालीन राजधानी घोषित उत्तराखंड क्रांति दल ने आधी लड़ाई जीत ली है ❤ बचा हुआ आधा काम हम 2022 का धर्म युद्ध जीत कर कर लेंगे❤
जय देवभूमि जय हिंद?
बहुत अच्छा किया रावत जी। लोगो की पुरानी मांग पूरी हुई।दो दो राजधानियों बनने से खर्च भी बढ़ेगा कृप्या ध्यान रखे और उत्तराखंड की प्रगति उन्नति के लिए अग्रसर रहें।