समाज

आज से नब्बे साल पहले भी भारत में स्कूली शिक्षा का गढ़ था नैनीताल

1928 में नैनीताल के तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर जे. एम. क्ले द्वारा एक किताब ‘नैनीताल: अ हिस्टोरिकल एंड डिस्क्रिपटिव अकाउंट’ प्रकाशित की गयी थी. इसके पहले अध्याय को नैनीताल के तत्कालीन असिस्टेंट कमिश्नर एल. सी. एल. ग्रिफिन, ICS द्वारा लिखा गया था. इस अध्याय में अन्य ऐतिहासिक सूचनाओं के अलावा नैनीताल के तत्कालीन स्कूलों के बारे में विस्तार से बताया गया है. Schools on Nainital in British India

नैनीताल में बहुत सारे स्कूल हैं. कलकत्ता के बिशप मिलमैन ने 1869 में डायोसेसन बॉयज स्कूल की स्थापना की थी. इस स्कूल की मूल साइट स्टोनले में थी जहाँ अब रैमजे अस्पताल है. 1873 में सर एंथनी मैकडोनल की बिल्डिंग स्कीम्स के तहत इस स्कूल को शेरवुड स्थानांतरित कर दिया गया. यहाँ पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या 134 है. Schools on Nainital in British India

फिलैंडर स्मिथ कॉलेज नैनीताल के ओक ओपनिंग बॉयज हाईस्कूल और मसूरी के फिलैंडर स्मिथ इंस्टीटयूट के मिलाये जाने से बना. इलिनॉय के मिस्टर फिलैंडर स्मिथ की विधवा मिसेज स्मिथ द्वारा मसूरी के फिलैंडर स्मिथ इंस्टीटयूट की स्थापना की गयी थी. मैथोडिस्ट एपिस्कोपल चर्च के पादरी डेविस ऑस्बोर्न, जिन्होंने 1885 में स्कूल बनाया था, के प्रभाव में आने के बाद मिसेज स्मिथ के भीतर एंग्लो-इन्डियन और डोमिसाइल यूरोपियन समुदाय के बीच शिक्षा का प्रसार करने की चेतना जागी. ओक ओपनिंग स्कूल की स्थापना मैथोडिस्ट एपिस्कोपल चर्च के रेवरेंड जे. डब्लू, वॉग, डीडी द्वारा 1880 में स्टोनले में की गयी थी, जिसे डायोसेसन बॉयज स्कूल द्वारा खाली कराये जाने के बाद से लेफ्टिनेंट गवर्नर रहने लगे थे. इसे इसकी वर्तमान जगह पर 1889 में शिफ्ट किया गया. 1905 में इसका मसूरी के स्कूल के साथ विलय हुआ क्योंकि वहां छात्रों के रहने की जगह कम पड़ रही थी. तब इस स्कूल में 100 से कम बच्चे थे लेकिन अब यह संख्या 250 के पार चली गयी है. Schools on Nainital in British India

सेंट जोसेफ कॉलेज इलाहाबाद के रोमन डायोसीस का स्कूल है. इसे 1888 में दार्जिलिंग से यहाँ लाया गया था. वर्तमान में यहाँ 302 छात्र हैं.

लड़कियों के लिए तीन यूरोपियन और एंग्लो-इन्डियन स्कूल हैं. ऑल सेंट्स स्कूल फॉर गर्ल्स की स्थापना उसी समय हुई थी जब डायोसेसन बॉयज स्कूल बना था और इन दोनों की मूल संस्था एक ही थी. जब लड़कों का स्कूल शेरवुड शिफ्ट किया गया, एक विभाजन हुआ जिसके बाद लड़कियों के स्कूल को पहले पीटर्सफील्ड और बाद में 1874 में बार्न्सडेल में शिफ्ट किया गया. फिलहाल यहाँ 150 लड़कियां पढ़ती हैं. Schools on Nainital in British India

सेंट मेरीज कॉन्वेंट की स्थापना 1878 में रेवरेंड मदर सालेसिया द्वारा की गयी थी. फिलहाल यह रैमनी पार्क में है जहाँ लड़कियों की संख्या 200 है. अयारपाटा का वेलेजली गर्ल्स स्कूल एक अमेरिकी संस्था है जिसमें पढ़ने वाली लड़कियों की संख्या 150 है.

भारतीय स्कूलों में यहाँ लड़कों के लिए गवर्नमेंट हाई स्कूल (264 बच्चे), हम्फ्री हाई स्कूल (226 बच्चे), म्यूनिसिपल प्राइमरी स्कूल (214 बच्चे) और डायमंड जुबली ब्रांच स्कूल (106 बच्चे) हैं.

लड़कियों के लिए यहाँ मॉडल गर्ल्स स्कूल (108 बच्चियां), मिशन जनाना गर्ल्स स्कूल (तल्लीताल और मल्लीताल शाखाएँ जिनमें क्रमशः 38 और 78 बच्चियां) आर भवानी कन्या पाठशाला (75 बच्चियां) हैं. Schools on Nainital in British India

बाबूलिया में वंचित वर्ग के बच्चों के लिए एक मिश्रित स्कूल है जहाँ 20 बच्चे हैं जबकि हिमालयन स्कूल फॉर अमेरिकन चिल्ड्रन में 60 छात्र हैं.

इसी किताब से यह भी पढ़ें: नैनीताल की सात पहाड़ियां

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