Featured

अल्मोड़ा लोकसभा सीट में 2 प्रतिशत से अधिक वोट नोटा को

लोकसभा चुनाव 2019 में एकबार फिर भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए का गठबंधन सरकार बनाने जा रहा है.

उत्तराखंड की सभी पांचों सीटों में भाजपा प्रत्याशी जीत दर्ज करते नज़र आ रहे हैं. एक दिलचस्प रुझान उत्तराखंड की अल्मोड़ा लोकसभा सीट में देखने को मिला है.

उत्तराखंड की अल्मोड़ा लोकसभा सीट अनुसूचित जाति के लिये आरक्षित है. इस सीट पर भाजपा के प्रत्याशी अजय टम्टा और कांग्रेस के प्रत्याशी प्रदीप टम्टा के मध्य सीधा मुकाबला था. वर्तमान रुझान आने तक अजय टम्टा, कांग्रेस उम्मीदवार प्रदीप टम्टा से दो लाख से अधिक वोटों से आगे हैं.

अल्मोड़ा लोकसभा सीट में अब तक कुल वोटों में 2.26 प्रतिशत वोट नोटा को मिले हैं. क्षेत्रीय पार्टी उत्तराखंड क्रांति दल को को .59 प्रतिशत वोट ही मिले हैं.

इस लोकसभा चुनाव में उत्तराखंड क्रांति दल का प्रदर्शन और भी अधिक निराश करने वाला रहा है. राज्य की जनता ने क्षेत्रीय पार्टी को पूरी तरीके से नकार दिया है.

उत्तराखंड की अल्मोड़ा लोकसभा सीट में कुल वोटों में पन्द्रह हजार एक सौ अट्ठावन (15118) वोट नोटा को मिले हैं जो कि कुल वोटों का 2.26 प्रतिशत है.

अल्मोड़ा लोकसभा सीट पर वर्तमान सांसद भी अजय टम्टा हैं. अजय टम्टा केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं. अजय टम्टा 2019 का आम चुनाव भी भारी मतों से विजयी हो रहे हैं.

वाट्सएप में काफल ट्री की पोस्ट पाने के लिये यहाँ क्लिक करें. वाट्सएप काफल ट्री

-काफल ट्री डेस्क

इसे भी देखें : हैमलेट और सर लॉरेन्स ओलिवियर के बहाने एक बहुत पुरानी हिन्दी फिल्म

उत्तराखंड में पांचों सीटें भाजपा की झोली में तय

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Girish Lohani

Recent Posts

कुमाऊँ की विलुप्त होती जन्माष्टमी पट्ट-चित्र परम्परा

कुमाऊँ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल भगवान कृष्ण के जन्म का धार्मिक पर्व नहीं रही है,…

1 week ago

बद्रीदत्त पांडे और इंद्र सिंह नयाल ने रखा था ‘उत्तराखंड राज्य की संकल्पना’ का वैचारिक आधार

पिछली कड़ी : पहले समाज बदलो, राज्य अपने आप सार्थक हो जाएगा : इंद्र सिंह नयाल इन्द्र…

1 week ago

आकर्षक कलेवर में आंचलिक परिवेश की किताब “टुकड़ा-टुकड़ा जिंदगी”

पूरी तरह आंचलिक परिवेश में तैयार, "टुकड़ा टुकड़ा जिंदगी" वरिष्ठ इतिहासकार डॉ निर्मल जोशी की नव प्रकाशित…

1 week ago

भूख न तीस न डर न फिकर छ्, मुट्ट बोटीं छन कसीं कमर छ्

ये सितंबर 1994 की सुबह थी जब खटीमा में पूर्व सैनिकों का जुलूस निकल रहा था. पूर्व…

1 week ago

उत्तराखण्ड के सरोवर

उत्तराखण्ड को सामान्यतः हिमालय, नदियों, झरनों और जलधाराओं की भूमि के रूप में जाना जाता है. किंतु…

1 week ago

दौड़ता अल्मोड़ा : फ़ोटो निबंध

पिछले 3 सालों से अल्मोड़ा के कुछ जागरूक युवा अल्मोड़ा मानसून मैराथन का आयोजन कर रहे हैं,जिसमें…

1 week ago