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मध्य अमेरिका में पुल पर प्रवासियों का कैम्प

होंडुरास इन दिनों खबरों में इसलिये है क्योंकि यहाँ से बड़ी संख्या में लोग अमेरिका में शरण लेने को निकल चुके हैं. इसके लिये उन्हें पहले ग्वाटेमाल फिर मैक्सिको पार करना होगा. होंडुरास से कुछ लोग ऐसा प्रयास कुछ दिन पहले भी कर चुके हैं लेकिन वो बीच में ही बिखर गये.

इस बार भी होंडुरास के सेन पेड्रो सूला नाम के शहर से 160 लोगों के समूह ने यह मार्च शुरू किया जिनकी एक हफ्ते में संख्या 1500 तक पहुँच गयी. ये लोग अमेरिका पहुचने के लिये किसी भी प्रकार के खतरे मोल ले रहे हैं.

होंडुरास एक मध्य अमेरिकी देश है. विश्व बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार होंडुरास की 60 प्रतिशत जनता गरीबी में रहती है. होंडुरास की कुल आबादी 90 लाख है जो गैंगवार, ड्रग्स अपराध और भ्रष्टाचार से बुरी तरह प्रभावित है. होंडुरास नवंबर 2017 में होंडुरास में राष्ट्रपति चुनाव हुये थे. यह चुनाव हिंसा और प्रदर्शनों से प्रभावित रहे. विवादित नतीजों के साथ ह्वान ओरलांडो हर्नांदेज़ दोबारा देश के राष्ट्रपति चुने गए.

ग्वाटेमाला और मैक्सिको को बांटने वाली नदी सूचीआते है. ये नदी दोनों देशों को बांटती है. बारिश के कारण यह नदी इन दिनों उफान पर है. होंडुरास से आये प्रवासी लोग अभी रोडोल्फो रोबल्स पुल पारगमन पर मैक्सिको में प्रवेश का इंतज़ार कर रहे हैं. कुछ लोगों ने नदी तैरकर पार कर मैक्सिको में प्रवेश की कोशिश भी की है.

मैक्सिको की पुलिस ने अभी तक प्रवासियों के इस काफ़िले को रोकने की कोशिश नहीं की है. हालांकि मैक्सिको के अधिकारियों ने कहा है कि सीमा पार करके आए प्रवासियों को प्रवासी नियमों से गुज़रना होगा और उन्हें वापस उनके देश भी भेजा जा सकता है. मैक्सिको के अधिकारियों के मुताबिक हर दिन क़रीब तीन सौ शरणार्थियों की अर्ज़ियां स्वीकार की जा रही हैं.

मेक्सिको प्रशासन ने कहा कि जो लोग पुल पर हैं पहले उन्हें देश में प्रवेश करने के लिए शरणार्थी दावों का आवेदन देना होगा. ग्वाटेमाला के राष्ट्रपति जिमी मोराल्स ने कहा कि होंडुरास से 5,000 से भी ज्यादा शरणार्थी ग्वाटेमाला में आए थे लेकिन उनमें से करीब 2,000 स्वदेश लौट गए. ग्वाटेमाला और होंडुरास के राष्ट्रपतियों के अनुसार उन्होंने लौटने की चाह रखने वाले प्रवासियों के लौटने के लिए सुरक्षित रास्ता भी उपलब्ध करवाया है.

बेहतर जीवन की तलाश में ये लोग अमेरिका की ओर बढ़ तो रहे हैं लेकिन अमेरिका ने उनका स्वागत नहीं किया है. राष्ट्रपति ट्रंप ने मैक्सिको से इस काफ़िले को बीच में ही रोकने के लिए कह दिया है. ट्रंप ने ट्वीट कर कहा, ‘अवैध एलियंस को हमारी दक्षिणी सीमा पार करने से रोकने के लिए सभी प्रयास किए गए हैं. लोगों को पहले मेक्सिको में शरण के लिए आवेदन देना होगा और अगर वे ऐसा करने में नाकाम रहे तो अमेरिका उन्हें वापस भेज देगा.

अपने देश में हिंसा से बचकर भाग रहे ये लोग अगर अमरीका पहुंच जाते हैं तो अमरीका उनके शरणार्थी बनने के दावों को सुनने के लिए क़ानूनी तौर पर बाध्य है. इस बीच अमरीका के अटार्नी जनरल जेफ़ सेशन्स ने इसी साल जून में कहा था कि घरेलू हिंसा और गैंगवार से पीड़ित लोगों को शरण के योग्य नहीं माना जाएगा.

फिलहाल ग्वाटेमाला और मैक्सिको को जोड़ने वाले इस पुल पर स्थिति गंभीर बनी हुई है. स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार पुल पर पुल की क्षमता से अधिक लोग हैं. लोग खुले आकाश के नीचे रातें गुजार कर अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे हैं.

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Girish Lohani

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