Featured

11 अप्रैल को होंगे उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव

जैसी कि लम्बे समय से उम्मीद की जा रही थी लोकसभा चुनाव 2019 होना तय हो गया है. आज दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए तय तारीखों की आधिकारिक घोषणा की है.

सात चरणों में होंगे लोकसभा चुनाव 2019

लोकसभा चुनाव 2019, 11 अप्रैल से शुरू होंगे. चुनावों के नतीजे की घोषणा 23 मई को होगी. 7 चरणों में होने वाले यह चुनाव 19 मई तक होंगे.

11 अप्रैल को होंगे उत्तराखंड में चुनाव

उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव पहले चरण में होंगे. पहले चरण के चुनाव 11 अप्रैल को होंगे. उत्तराखंड में लोकसभा की पांच सीटों पर चुनाव 11 अप्रैल को होंगे. उत्तराखंड में अभी पाँचों लोकसभा सीट पर भाजपा के सदस्य हैं.

सभी पोलिंग बूथ पर होगा वीवीपैट का इस्तेमाल

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोरा ने बताया कि इस बार लोकसभा चुनाव 2019 में सभी पोलिंग बूथ पर वीवीपैट का इस्तेमाल किया जायेगा.

आज से आचार संहिता लागू हो गयी है

लोकसभा चुनाव की तारीखें तय होने के साथ ही पूरे देश में चुनाव आचार संहिता लागू हो गयी है. लोकसभा चुनाव से की तारीख तय करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोरा ने बताया कि इस बार सभी उम्मीदवारों को चुनाव से पहले आपराधिक रिकार्ड की जानकारी देनी होगी.

लोकतंत्र का आधार है लोकसभा

भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था ब्रिटिश वेस्टमिन्स्टर मॉडल पर आधारित है. संविधान के मुताबिक़ भारत की लोकसभा में कुल 552 सीटें हैं. वर्तमान में लोकसभा में कुल 545 सीटें हैं. 545 में से 543 सीटों पर चुनाव आयोजित किये जाते हैं. इन सीटों पर सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से प्रतिनिधि चुनकर आते हैं.

दो सीटों पर राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत सदस्य आते हैं. यह दो सदस्य आंग्ल-भारतीय समुदाय से होते हैं. लोकसभा की कुल सीटों में 131 सीटें आरक्षित होती हैं. जिनमें अनुसूचित जाति के लिए 84 और अनुसूचित जनजाति के लिये 47 सीटें आरक्षित होती हैं.

इस तरह सरकार बनाने के लिये आवश्यक बहुमत 272 सीटों का है. इसी तरह लोकसभा में विपक्षी दल के लिये कुल सीटों का दस प्रतिशत सीटों का होना भी अनिवार्य है.

-काफल ट्री डेस्क

वाट्सएप में काफल ट्री की पोस्ट पाने के लिये यहाँ क्लिक करें. वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री वाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें: वाट्सएप काफल ट्री

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये यहाँ क्लिक करें

Kafal Tree

Recent Posts

दुर्गम पहाड़ों तक कैसे पहुंचे महाराष्ट्र-गुजरात के पर्व

बचपन में हमें होली-दिवाली और राखी के अलावा मकर संक्रांति, घी त्यार और फूलदेई जैसे उत्सवों…

4 days ago

पिथौरागढ़ में स्विट्ज़रलैंड बनने की है पूरी क्षमता

इस बार करीब 9 साल बाद पिथौरागढ़ जाकर एक बात साफ दिखी कि यहां कुछ…

1 week ago

अलमोड़े में नंदादेवी मेले की ताज़ा तस्वीरें

आस्था और विश्वास की प्रतीक श्री नंदा देवी की भक्ति में इन दिनों पूरा उत्तराखंड…

2 weeks ago

अहा! कैसा होता था नंदादेवी कौतिक

उत्तराखण्ड के पहाड़ों में मेले केवल मनोरंजन के अवसर नहीं रहे हैं. वे लोकजीवन की…

2 weeks ago

सागर से शिखर तक : स्वामी मन्मथन

पिछली कड़ी : बद्रीदत्त पांडे और इंद्र सिंह नयाल ने रखा था ‘उत्तराखंड राज्य की…

2 weeks ago

उत्तराखण्ड की महिलाएं : स्थितियों, संघर्षों और चुनौतियों का दस्तावेज

1970 के दशक का उत्तराखण्ड का ‘चिपको आंदोलन’ विश्वविख्यात है. यह तथ्य भी कमोबेश ज्ञात है कि…

2 weeks ago