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सूरज की मिस्ड काल – 6

सूरज भाई गुलगपाड़ा सुनकर गर्मा गये आज सुबह जरा जल्दी जग गये. सूरज भाई का इन्तजार करते उधर देखते रहे…

7 years ago

रुद्रपुर में ‘अपनी धुन में कबूतरी’ वृत्तचित्र का प्रदर्शन

लोकगायिका स्व. कबूतरी देवी उत्तराखंड की ऐसी पहली गायिका हैं जिन्होंने रेडियो के जमाने में खूब नाम कमाया. किसी पहाड़ी…

7 years ago

कुतर्की समय में कुछ तार्किक बातें

यह 2011 साल का सितम्बर महीना था जब जबलपुर से निकलने वाली प्रतिष्ठित हिंदी साहित्यिक पत्रिका ‘पहल’ ने दो दिन…

7 years ago

गट्टू भाई की दानवीरता

एक क़स्बे के लिहाज़ से गट्टू भाई ख़ासे पैसे वाले थे और पुराने नवाबों की फ़ितरत रहते थे. उसी हिसाब…

7 years ago

खटारा मारुति में पूना से बागेश्वर – 3

(पिछले हिस्से:  खटारा मारुति में पूना से बागेश्वर -1, खटारा मारुति में पूना से बागेश्वर -2) गाड़ी सड़क से उतार…

7 years ago

कालिदास की कल्पना का रहस्य लोक उत्तराखण्ड

राजधानी के चहल-पहल भरे वातावरण में आपाधापी, दौड़ धूप, भीड़-भाड़ और शहरी प्रदूषण की बीच जब कभी मन कल्पना के…

7 years ago

सुना आपका ‘ता’ गायब हो गया था पिछले दिनों

नेतृत्व की ताकत -शरद जोशी नेता शब्द दो अक्षरों से बना है- 'ने' और 'ता'. इनमें एक भी अक्षर कम…

7 years ago

चार करोड़ बत्तीस लाख रुपये की भी आती है स्कॉच की एक बोतल

गेलिक भाषा में एक शब्द होता है - "usquebaugh", जिसका अर्थ हुआ "जीवनजल". ध्वनि के आधार पर यह शब्द कालान्तर…

7 years ago

अगस्त्यमुनि में महिलाओं द्वारा अभिनीत ऐतिहासिक रामलीला

भारत के अलग-अलग भागों में मंचन की जाने वाली रामलीलाओं में एक मुख्य समानता महिलाओं की सीमित भागीदारी होती है.…

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हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने – 18

आजादी के बाद और कुछ हुआ हो या ना हो मैं कोई नहीं जानता था जिन्हें कोई नहीं जानता था…

7 years ago