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माँ पर नहीं लिख सकता कविता

  चन्द्रकान्त देवताले 7 नवंबर 1936 को जौलखेड़ा, बैतूल (मध्य प्रदेश) में जन्मे चन्द्रकांत देवताले समकालीन हिन्दी कविता के सबसे…

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हल्द्वानी के इतिहास के विस्मृत पन्ने – 22

सन् 60-70 के दशक में साम्यवादी विचारधारा के नाम पर बहुत से पाजी लोगों का जमघट मैंने यहां देखा. वे…

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पहाड़ और मेरा बचपन – 5

पिछली क़िस्त - पहाड़ और मेरा बचपन – 4 गांव में उन बहुत बचपन के दिनों के बाद मुझे दिल्ली…

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अक्लमंद सियार की कहानी

अफ्रीकी लोक कथाएँ – 8 “सुनो, सुनो, सुनो, मेरे बच्चो,” एक शाम गोगो ने बोलना शुरू किया. “जानते हो न,…

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कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 8

पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम से…

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रेडियो पर पहली लाइव क्रिकेट कमेंट्री एक पादरी ने की थी

बीबीसी को इस क्षेत्र में पायनियर का दर्ज़ा इस लिहाज़ से हासिल है कि 14 मई 1927 को चर्च में…

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गंगा की धारा और लोगों की ज़िंदगियां

गंगा के उद्गम गोमुख और गंगोत्री से कुछ किलोमीटर नीचे उत्तरकाशी की तरफ़ यानी डाउनस्ट्रीम, तीन अहम जलबिजली परियोजनाएं थीं.…

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उत्तराखण्ड में सावन में मनाया जाने वाला लोकपर्व बैसी

बैसी उत्तराखण्ड में सावन के महीने में 22 दिनों तक मनाया जाने वाला लोकपर्व है. यह त्यौहार खरीफ की फसल…

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सियारों को जूठन में पलने का श्राप

कथाएं लगाने और सुनने सुनाने की कोइ उम्र नहीं होती. तो लीजिये मेरी कथा लगाने की, सुनने की कड़ी में…

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उसका विवेक फांसी के लीवर की तरह होता है

हरीश चन्द्र पाण्डे की कविताएँ - 7 अस्सी के दशक में समकालीन कविता में जिन महत्वपूर्ण कवियों ने पहचान बनायी…

7 years ago