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छोटा होने की यंत्रणा से गुजरते भाई साहब

भाई साहब को बचपन से ही 'बड़ा आदमी' बनने की ललक लग गई थी. तभी उन्होंने देख लिया था कि…

8 years ago

तुम मेरे इस जनम का अंतिम प्रेम हो

अंतिम प्रेम -चंद्रकांत देवताले हर कुछ कभी न कभी सुन्दर हो जाता हैबसन्त और हमारे बीच अब बेमाप फासला हैतुम…

8 years ago

आज से देहरादून का ऐतिहासिक झंडा मेला शुरू

आज से देहरादून में 350 वर्ष पुराने ऐतिहासिक झंडा मेला की शुरुआत हो चुकी है. होली के ठीक चार दिन…

8 years ago

चालबाज़ आदमी और दोस्ती की परख

अफ्रीकी लोक कथाएँ – 10 दो लड़के पक्के दोस्त थे. उन्होंने हमेशा एक दूसरे के साथ बने रहने का वादा…

8 years ago

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 10

पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम से…

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क़स्बे की एक सर्द रात – 1

"आप क्या लेना पसंद करेंगे सर?", कहीं दूर से आती वो खनकती सी आवाज़ उसे एक झटके में किसी गहरी…

8 years ago

थोड़ा अधिक आदमी होकर देखेंगे तो

  चन्द्रकान्त देवताले 7 नवंबर 1936 को जौलखेड़ा, बैतूल (मध्य प्रदेश) में जन्मे चन्द्रकांत देवताले समकालीन हिन्दी कविता के सबसे…

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कहो देबी, कथा कहो – 7

पिछली कड़ी अलविदा नैनीताल हां, नैनीताल ही याद आता रहा और मैं जैसे कहीं दूर खड़ा होकर मन ही मन…

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शेर और आग जलाने की लकड़ी

अफ्रीकी लोक कथाएँ – 9 यह उस ज़माने की बात है जब जानवर और मनुष्य इकठ्ठे रहा करते थे. उन…

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कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 9

पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम से…

8 years ago