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माँ शिवरानी देवी, प्रेमचंद और सास सुभद्रा कुमारी चौहान

इस पोस्ट को पिछली पोस्ट के क्रम में पढ़िए. पिछली पोस्ट का लिंक: पचास साल पहले इलाहाबाद में कथाकार अशोक…

7 years ago

लोककथा: रूप कुंड की मानव अस्थियों का सच

रूप कुंड में मानव कंकाल पाए जाने के विषय में एक अन्य रोचक कहानी और भी चलन में है. जो…

7 years ago

अच्छे दोस्त जिंदगी की सबसे बड़ी नेमत होते हैं

4G माँ के ख़त 6G बच्चे के नाम – पंद्रहवीं क़िस्त पिछली क़िस्त का लिंक: लड़कियां चाहे बच्चे जनती मर जाएं,…

7 years ago

ऐतिहासिक रहा है चनौदा का गांधी आश्रम

1929 में महात्मा गांधी ने कुमाऊं की यात्रा की थी. 22 दिनों की इस यात्रा में उनका लक्ष्य क्षेत्रीय स्तर…

7 years ago

‘अम टो मिस्टर हो गया अब यूरप जाना मांगटा है’ – उत्तराखंड के स्वाधीनता संग्राम का एक अनछुआ पहलू

1920 का दशक था. भारत में उन दिनों स्वतन्त्रता आन्दोलन बहुत तेजी से फ़ैल रहा था. राष्ट्रीय चेतना अपने पाँव…

7 years ago

मसूरी में 15000 प्लास्टिक बोतलों से बनी उम्मीद की दीवार

भारत में 80 प्रतिशत प्लास्टिक को बिना रीसाइकल किये ही फेंक दिया जाता है. आज हमारे घरों में रसोई घर…

7 years ago

कांवड़ का बदलता स्वरूप

सावन का महीना शिवपूजा के लिए इसलिए पवित्र और महत्वपूर्ण होता है क्यूंकि सावन माह में पार्वती जी ने तपस्या…

7 years ago

पहाड़ियों को बहुत प्रिय है घुघूती

पहाड़ों में जिन पक्षियों ने जनमानस को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है उनमें से एक है घुघूती. इससे जुड़े गीतों…

7 years ago

लगातार खनन और भूस्खलन के कारण उत्तराखंड की नदियों से मछलियां गायब हो रही हैं

सुनहरी माहसीर या हिमालयी माहसीर, असेला ट्राउट, कुमाऊँ ट्राउट, पत्थर चट्टा, कलौंछ, लटिया, छगुनी, भारतीय ट्राउट,  हैमिल्टन बेरिल, बरना बेरिल,…

7 years ago

बल्दिया एकादशी: बैलों की छुट्टी और मौज-मस्ती का दिन

उत्तराखंड का बहुजन समाज मुख्यतः कृषक और पशुपालक रहा है. इनके लिए जमीन और पशुधन सबसे ज्यादा प्रिय और कीमती…

7 years ago