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काली के बगड़ में ब्रूस ली की याद

केनिथ मेसॉन की किताब द अबोड ओफ़ स्नो में कुमायूँ के सबसे बड़े अन्वेषकों में से एक हरी राम के…

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हिन्दी सिनेमा के गीतों में मुनस्यारी से बोल

हिन्दी सिनेमा में लम्बे समय उत्तराखंड के कलाकारों का नाम रहा है. रुपहले पर्दे पर भले ही गिने-चुने नाम हम…

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मेल-मिलाप पसन्द प्रताप भैया का अनमेल व्यक्तित्व: जन्मदिन विशेष

प्रताप भैया यदि हमारे बीच होते तो 88 वर्ष आज के दिन पूरे करते. दस वर्ष पूर्व संसार से विदा…

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विद्यालयी दीर्घावकाश: सुविधा नहीं बाल-सुरक्षा है मूल में

जनवरी का महीना था. कुछ ही दिन पहले हिमपात हुआ था. जिला शिक्षा अधिकारी के साथ मैं छापराधार इण्टर कॉलेज…

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एक आमा की सलाह पर पुरखू ने सीरागढ़ किले पर क़ब्ज़ा किया

डोटी की राजकुमारी रुद्रचंद की मां ने तोहफे में अपने भाई से सीरा मांगा, लेकिन भाई ने उसे देने से…

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सुमित्रानंदन पन्त की कुमाऊंनी में कविता: जन्मदिन विशेष

20 मई 1900 को उत्तराखण्ड के अल्मोड़ा जिले के कौसानी नामक स्थान में जन्मे सुमित्रानंदन पन्त (Sumitra Nandan Pant) हिन्दी…

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सिद्धों व सन्तों की तपोभूमि भी रहा भवाली क्षेत्र

भवाली, कुमाऊं क्षेत्र का प्रवेश द्वार होने के कारण देश के दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले परिब्राजक बद्रीनाथ, केदारनाथ…

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नए साल में रोज सुबह खुद से करें ये दस बातें

हम जैसा अपने मन में सोचते हैं, भरोसा करते हैं, वैसा ही हमारे जीवन में घटित हो जाता है. यह…

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नई सदी के दो दशकों का खोया-पाया

हम नब्बे के दशक के लौंडो के लिए ट्वेंटी-ट्वेंटी शब्द युग्म एक सपने की तरह आया था. जितना हम उस…

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अंतिम चंद शासक महेन्द्र चंद और गोरखा आक्रमण

महेन्द्रचंद (1788-91) चंद राजवंश का अंतिम शासक था. सन् 1791 में गोरखों के साथ हुए हवालबाग युद्ध पराजित होकर कुमाऊँ…

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