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थोड़ा धीमा दौड़ो, तो थोड़ा लंबा जाओगे

मैं पिछले दस साल से मैराथन दौड़ रहा हूं. मैंने यह शुरुआत जनवरी, 2012 में स्टैंडर्ड चार्टर्ड मुंबई मैराथन कहलाने…

4 years ago

कहानी : बयान इक़बालिया

'इसे क्या हुआ है इतना गुमसुम क्यों है' चौकी इंचार्ज साहब ने दस मिनट बाद ही पूछ लिया. (Bayan Iqbaliya)…

4 years ago

एटकिंसन ने क्या लिखा है ‘अस्कोट’ के बारे में

अस्कोट में कुल क्षेत्रफल प्रति एकड़ चार आना नौ पाई राजस्व निर्धारित है जबकि कृषि भूमि पर यह दर सात…

4 years ago

सरदार उधम: आर्ट और विचार का ऐसा मेल कम ही देखने को मिलता है

कोई ज़िंदा है...?  इन तीन शब्दों का नाद बहुत देर तक ज़ेहन में होता है... होना चाहिए भी क्योंकि ये…

4 years ago

उत्तराखंड की लोक-कथा: बीरा बैण

सालों पहले उत्तराखण्ड के जंगल में एक बुढ़िया रहती थी. उस विधवा बुढ़िया के सात बेटे थे और एक सुंदर…

4 years ago

इस तरह एक पुरुष के रूप में भारत की पहली फिल्म को अपनी नायिका मिली

1913 में भारत की पहली फिल्म बनाते समय तमाम सामाजिक-आर्थिक दिक्कतों से जूझते दादासाहब फाल्के के सामने सबसे बड़ी समस्या…

4 years ago

ठेठ कुमाऊनी खानपान की रंगत

आजकल सोशल मीडिया और यूट्यूब वगैरह में जो कुमाऊनी थाली दिखाई जाती है उसमें दाल, भात, डुबके, आलू के गुटके…

4 years ago

हिमालयी क्षेत्रों में विकास के नाम पर जबरन शहरीकरण थोपा जाना कितना सही है

पिछले कुछ दशकों में हिमालयी क्षेत्रों में विकास के नाम पर जबरन शहरीकरण थोपा जा रहा है. शिमला, नैनीताल, दार्जिलिंग,…

4 years ago

प्यारी दीदी एलिजाबेथ व्हीलर को भावभीनी श्रद्धांजलि

‘‘जीवन तो मुठ्ठी में बंद रेत की तरह है, जितना कसोगे उतना ही छूटता जायेगा. होशियारी इसी में है कि…

4 years ago

ब्रेक लगाइए, अगले मोड़ पर प्रलय इंतज़ार कर रहा है

कहते हैं पहाड़ों पर गाड़ी चलाते मोड़ों पर हॉर्न का प्रयोग करें पर जिस तरह से इस साल हिमालयी प्रदेश…

4 years ago