समाज

आमा के जीवन की यादें मेरे लिए कहानी बन जाती थी

वे घुमंतु नहीं थे और न ही बंजारे ही थे. वे तो निरपट पहाड़ी थे. मोटर तो तब उधर आती-जाती…

6 years ago

पलायन का असर उत्तराखण्ड पंचायत चुनावों पर भी

पलायन का असर उत्तराखण्ड के ग्राम पंचायत चुनावों में साफ़ दिखाई दे रहा है. कई ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव लड़ने…

6 years ago

जन्मदिन विशेष: भगत सिंह भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय व्यक्तित्व

भगत सिंह (28 सितम्बर 1907 से 23 मार्च 1931) हाल ही की बात है, मेरा एक दोस्त दिल्ली से आया…

6 years ago

उत्तराखण्ड में इष्ट देवता

इष्ट देवता का सामान्य अर्थ है मान्य, आदरणीय, पूज्य देवशक्ति. लेकिन उत्तराखण्ड के सन्दर्भ में इसका अर्थ है वह देवी…

6 years ago

गाथा छिपला केदार की

पिथौरागढ़ जनपद के सीमान्त क्षेत्र के दर्जनों गाँवों में अधिशासित आराध्य देव छिपलाकेदार धारचूला तहसील के बरम से लेकर खेत…

6 years ago

ज्येठांश: उत्तराखण्ड में पैतृक संपत्ति के बंटवारे का पारंपरिक विधान

संयुक्त परिवार के दौर में उत्तराखंड के समाज में कई तरह की परम्पराएं हुआ करती थीं. आधुनिक समाज में एकल…

6 years ago

भवाली में रामलीला की परम्परा

पिछली सदी के साठ के दशक का एक कालखण्ड ऐसा भी रहा, जब भवाली की रामलीला में पिता हरिदत्त सनवाल…

7 years ago

उत्तराखंड का वह गांव जिसकी गिनती भारत के पहले दस हॉन्टेड गावों में होती है

जब कभी भारत में भुतहा या हॉन्टेड गांव की बात आती है तो देश के पहले दस गावों की सूची…

7 years ago

कुटी गांव के राजा लिबिंग की कहानी

लोक परम्परा के अनुसार कुटी गांव का एक राजा था लिबिंग ह्मा. राजा लिबिंग की दो रानियां थी. एक तिब्बत…

7 years ago

एटकिंसन ने क्या लिखा है लोहाघाट के बारे में

काली कुमाऊं परगना और रगडुबान पट्टी में एक गांव और पुरानी फौजी छावनी हैं जो चम्पावत से 6 मील दूर…

7 years ago