व्यक्तित्व

अपने खून से महात्मा गांधी को ख़त लिखकर डांडी मार्च में शामिल होने वाले उत्तराखंडी खड्ग बहादुर

डांडी-सत्याग्रह के दिन. देहरादून से गाँधी जी को एक खत मिला. पत्र मामूली स्याही से नहीं, भेजने वाले ने अपने…

6 years ago

अल्मोड़े के आनसिंह जिन्होंने संस्कृत में कर्मकाण्ड की शुद्ध पुस्तकें छपवाकर उत्तराखंड के दुर्गम स्थानों तक पहुंचाई

'आज इना तक सरकूँगा, कल भिन्हार तक, परसों सिलोर महादेव. अगले दिन भवड़ा, फिर रानीखेत. आठवें दिन अल्मोड़ा पहुँच पाऊँगा.'…

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द्वितीय विश्व युद्ध में अल्मोड़ा के किशनराम के साहस का अजब किस्सा

रणनीति के अनुसार, हमारा बिग्रेड उत्तरी पहाड़ियों पर हमला करके, जहाँ इटली की सेना थी, पीछे से जाकर मौनेस्ट्री हिल…

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उत्तराखंड की चंद्रप्रभा ऐतवाल ने अड़सठ साल की उम्र में फतह किया 6133 मीटर ऊँचा श्रीकंठ शिखर

हौंसले अगर बुलन्द हैं और लक्ष्य सामने हो तो किसी भी कार्य को करने में उम्र कहीं आड़े नहीं आती.…

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प्राइमरी स्‍कूल नौकुचियाताल में चंद्रशेखर लोहुमी मासाब की याद

बात 60 के दशक की है जब हम प्राईमरी स्‍कूल में तख्‍ती को छोड़कर कापी में लिखने का प्रयास करते-2…

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जवाहर लाल नेहरू अल्मोड़ा जेल में

जवाहरलाल नेहरू (नवंबर 14, 1889 - मई 27, 1964) भारत की आजादी के शिल्पियों में से एक रहे नेहरू के बारे…

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श्रीदेव सुमन : जिन्होंने राजशाही के खिलाफ़ 83 दिनों का अनशन किया

पूरे भारत में 'अंग्रेजो भारत छोड़ो' का नारा बुलंद था देश की जनता के नेतृत्व में आज़ादी की अंतिम लड़ाई…

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पहाड़ में हर आम-ओ-ख़ास के कवि हैं शेरदा

शेरदा अनपढ़, उत्तराखण्ड के एक ऐसे कवि जिसे काव्यकर्म के लिए किसी पढ़ाई-लिखाई की जरूरत न थी. फिर भी समाज…

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ठेठ पहाड़ी लोगों के सबसे लोकप्रिय कवि शेरदा : पुण्यतिथि विशेष

जो दिन अपैट बतूँछी, वी मैं हूँ पैट हौ.जकैं मैं सौरास बतूँछी, वी म्यर मैत हौमायाक मारगाँठ आज, आफी आफी…

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अल्मोड़ा में कठपुड़िया प्राइमरी पाठशाला के रतन मासाब जिनका तबादला गाँव वाले हमेशा रुकवा देते थे

मैं उन दिनों प्राइमरी पाठशाला कठपुड़िया में पड़ता था. स्कूल गया तो सीधे कक्षा दो में बैठ गया क्योंकि घनदा…

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