संस्कृति

पहाड़ की सिन्ड्रेला ‘सूनिमाया’ की कहानी

यहाँ नेपाल की एक मनमोहक लोककथा हिंदी में प्रस्तुत है, जिसमें एक मासूम लड़की सूनिमाया की कहनी बयां की गई…

3 months ago

नगरूघाट मेला : यहाँ लगती है “मितज्यू” की अनूठी डोर

उत्तराखंड की मिट्टी में लोक परंपराओं की खुशबू रची-बसी है. हर पर्व, हर मेला यहाँ सिर्फ उत्सव नहीं होता, बल्कि…

3 months ago

वीर गढ़ू सुम्याल और सती सरू कुमैण की गाथा

कहानी शुरू होती है बहुत पुराने जमाने से, जब रुद्र राउत मल्ली खिमसारी का थोकदार था और उसका चचेरा भाई…

11 months ago

वैश्वीकरण के युग में अस्तित्व खोते पश्चिमी रामगंगा घाटी के परम्परागत आभूषण

रामगंगा घाटी की स्थानीय बोली में आभूषणों को ‘हतकान’ कहा जाता है, इससे ज्ञात होता है कि प्राचीन समय में…

1 year ago

उत्तराखंड की संस्कृति

उत्तराखंड, जिसे प्यार से "देवभूमि" कहा जाता है, उस अद्भुत सांस्कृतिक विविधता, परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध इस…

1 year ago

आज मनाया जाता है दसौर यानी गंगा दशहरा पर्व

पहाड़ों में इसे दसार या दसौर भी कहते हैं. दसार या दसौर यानी गंगा दशहरा. उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में…

2 years ago

आज फूलदेई है

काफल ट्री की आर्थिक सहायता के लिये क्लिक करें – Support Kafal Tree आज फूलदेई है, प्रकृति की गोद में पलने…

2 years ago

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) का ‘भारत रंग महोत्सव’ रामनगर में आज से

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) का भारत रंग महोत्सव आज से नैनीताल जिले के रामनगर में शुरू होने जा रहा है.…

2 years ago

रामनगर में दुनिया का सब से बड़ा नाट्य उत्सव

'वसुधैव कुटुंबकम-वंदे भारंगम' की टैगलाइन के साथ दुनिया के सबसे बड़े नाट्य महोत्सव का 24वां संस्करण एक फ़रवरी से देश…

2 years ago

क काथ: लछू कुठ्यारीक च्याल

भौत पैलियकि बात छ. एक गौं में लछू कुठ्यारीक नूंक एक विद्वान बामण रूनेर भा. जो भौत पढ़ी लेखी और…

2 years ago