संस्कृति

कभी तो खिलेंगे इन डारिन वे फूल : सतराली में होली की यादें

मेरा बचपन अल्मोड़ा के समीप सतराली में बीता. सतराली की होली प्रसिद्व थी. बसन्त पंचमी से होली गायन आरम्भ होता…

8 years ago

पीपीह्या और राख के धलंग की कथा

Read in English: Myth of Pipihya from Chaundas Valley बहुत समय पहले की बात है जब विभिन्न धर्मों एवं संस्कृतियों…

8 years ago

चीर बंधन के साथ होती है खड़ी होली की शुरुआत

कुमाऊनी होली में है ब्रज का प्रभाव कुमाऊँ में अधिकतर त्यौहार मौसम चक्र के बदलने या फिर फसलों को बोने…

8 years ago

‘केदारनाद’ की कुमाऊनी होली बसंती नारंगी

उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत संकटग्रस्त है. इसके विभिन्न कारणों पर अक्सर चर्चा होती रहती है. इन्हीं हालातों के बीच उम्मीद…

8 years ago

रंग हमारो बिदेस सिधारो- कुमाऊनी होली पर चारू चन्द्र पांडे का लेख

कुमाऊं की रंगीली होलियां -चारू चन्द्र पांडे कुमाऊँ में होलियों का पर्व बड़े उत्साह से मनाया जाता है, होली की…

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बच्चों के हर्ष व उल्लास का त्यौहार है फूलदेई

सांस्कृतिक विविधता के मामले में उत्तराखण्ड की अपनी एक अलग पहचान है. यहां हर महीने कोई न कोई त्यौहार मनाया…

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फूलदेई: बाजार की मार से हांफता त्यौहार

बात ज्यादा पुरानी भी नहीं है. उत्तराखण्ड के पहाड़ की तलहटी पर कुछ बसावटें कस्बे के सांचे में ढल रही…

8 years ago

फुलदेई की फुल्यारी बसंत के रंग

फुलदेई, फुल्यारी के रंग फुलदेई का त्यौहार (Phool Dei Festival) उत्तराखण्ड में विभिन्न रूपों में मनाया जाता है. जितने रंग…

8 years ago

बसंत के इस्तकबाल का त्यौहार है फूलदेई

ऋतुराज बसंत का स्वागत उत्तराखण्ड को देवभूमि के साथ उत्सवों की भी भूमि कहा जाय तो गलत नहीं होगा. यहाँ…

8 years ago

एक हिमालयी लोक कथा: माता की वेदना

Read the post in English : Mother’s Grief माता की वेदना हिमालयी भूभाग के तिब्बत की एक प्रचलित लोक कथा…

8 years ago