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असौज का नाम आते ही पहाड़ में बुतकार लोगों की बाजुएं फड़कने लगती हैं

असौज का नाम आते ही पहाड़ में बुतकार लोगों की बाजुएं फड़कने लगती हैं और कामचोरों की सास मर जाती…

4 years ago

‘भँवर: एक प्रेम कहानी’ में प्रेम के कई रंग दिखते हैं

भँवर एक प्रेम कहानी, हाल ही में प्रकाशित उपन्यास है. उत्तराखण्ड के सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक, अनिल रतूड़ीजी, इस कृति के…

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बैरासकुण्ड की यादें

गाँव के अपने घर से निकल कर मंदिर की ओर का रास्ता लेता हूँ . वापिस देहरादून लौटने के पहले…

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हिमालयी क्षेत्रों में शादी के रीति-रिवाज व परम्पराएँ

विवाह एक उत्सव है. विवाह एक परम्परा, एक संस्कार है. उच्च हिमालय के रहवासी शौका समाज या जोहारी समाज की…

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अल्मोड़े का अनरिया जिसने भूत-भिसौंड़ों से मडुवे के खेतों में गुड़ाई करवाई

अल्मोड़ा के पास ही एक गांव था जिसका नाम था अन्यारीकोट. अन्यारीकोट के लोग भूत-भिसौंड़े को नियंत्रित करने में माहिर…

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आज बछेंद्री पाल का जन्मदिन है

https://www.youtube.com/embed/i9GPaWkc0Pc निखालिस पहाड़ी बछेंद्री पाल संसार की सबसे ऊंची पर्वत श्रृंखला ‘माउंट एवरेस्ट’ को फतह करने वाली दुनिया की 5वीं…

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स्वामी विवेकानन्द के विचार अल्मोड़ा के लक्ष्य सेन पर फिट बैठते हैं

"उठो जागो लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत." स्वामी विवेकानन्द के ये विचार अल्मोड़ा के लक्ष्य सेन पर एकदम फिट बैठते…

4 years ago

कुमाऊं में ब्राह्मणों के प्रकार

कुमाऊं की जातिगत परम्परा के अंतर्गत ब्राह्मणों के भीतर भी वर्ग किये गये हैं. इस वर्गीकरण के आधार पर कुमाऊं…

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मां की ठोस यादों से भरा कुमाऊनी गीत “पलना”

अपने जीवन में स्त्री एक साथ कई किरदारों से होकर गुजरती है जिसमें मां का किरदार सबसे मयाला है. एक…

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चाय से जुड़े अफसाने, चाय दिवस के बहाने

चाय हमारे हिन्दुस्तानी समाज में कुछ इस तरह रच-बस चुकी है कि वह अब केवल राष्ट्रीय पेय ही नहीं रहा,…

4 years ago