उत्तराखंड में पारम्परिक रूप से बरसात के पानी को रोकने के लिए बनाए तालाबों को चाल -खाल कहते हैं. अमूमन…
फिर वही! क्या स्वतंत्रता का अधिकार बस नाम के लिये दिया गया है संविधान में? शुरू किया नहीं कि टोका-टाकी…
पहली बार केदारनाथ गया तो वहां के हाल देख पर्यावणविद सुंदरलाल बहुगुणाजी का कहा याद आया कि ग्लेशियर धीरे-धीरे मरुस्थल…
उत्तराखंड राज्य की स्थापना एक पर्वतीय राज्य की संकल्पना के साथ हुई. इसके तराई भाबर के मैदानी इलाकों को पहाड़ों…
पहाड़ में बसने वाले लोग खुद में पूरा पहाड़ जीते हैं, उनके चेहरे बताते हैं वो क्या हैं, उनकी हंसी…
कुमाऊं के लोकदेवताओं में छुरमल का नाम प्रथम पंक्ति के लोकदेवताओं में लिया जाता है. छुरमल कालसिण और हयूंला के…
यह 1932 का बरस था और सितम्बर महीने की 6 तारीख. आज पौड़ी में लाट मैलकम का दरबार लगा था.…
कुमाऊं के पर्वतीय जिलों में आज भी मेले पूरी रवायत के साथ मनाये जाते हैं. पर्वतीय जिलों के मुख्यालय के…
इन दिनों पहाड़ नंदामय हैं. अल्मोड़ा और नैनीताल में मां नंदा की भव्यता देखते बनती है. अल्मोड़ा नंदा देवी मेले…
हर साल ऋषि पंचमी के दिन पिथौरागढ़ में वर्षा के देवता मोस्टामानू के मंदिर परिसर में एक भव्य मेले का…