कॉलम

पिथौरागढ़ में फुटबाल का स्वर्णिम इतिहास

पिथौरागढ़ में वर्ष भर फुटबॉल खेली जाती थी. लेकिन दूर्नामेंट का आयोजन देवसिंह मैदान में ही होता और खेल का…

3 years ago

जो परदेश रहता है उसी की इज़्ज़त होती है

पहाड़ से मैदान की ओर जाने पर लगता है जैसे सीढ़ी से उतरते हुए चौक में आ रहे हों. कोटद्वार…

3 years ago

जुगल किशोर पेटशाली की पुस्तकों का विमोचन

दून पुस्तकालय एवम् शोध केंद्र की ओर से लोक संस्कृतिविद् जुगल किशोर पेटशाली की कुमाऊं की लोकगाथाओं पर आधारित पुस्तक…

3 years ago

कुमाऊनी लोक साहित्य में संस्कार गीत

आप काफल ट्री की आर्थिक मदद कर सकते हैं           संस्कार गीत संस्कार सम्बन्धी लोक गीत…

3 years ago

जीवन और जीविका की सुनहरी राह बनाते विनीता-अरविंद

कोरोना महामारी ने समाज के बहुसंख्यक लोगों की जीवन-दिशा को बदला है. जीवन में अचानक आये इस संकट ने लोगों…

3 years ago

उत्तराखंड में खेती

खेती के इतिहास का सभ्यता के विकास के साथ अटूट सम्बन्ध है. इसी के आधार पर मनुष्य अपने समाज की…

3 years ago

बेहद ख़ास है कुमाऊनी रायता

रैत यानी कि रायता. कुमाऊं में इसका ख़ास महत्व है. जिस तरह मैदानों में पनीर की किसी सब्जी या दाल…

3 years ago

कुमाऊनी भाषा में एक लोकप्रिय लोककथा

भौत पैलिये बात छु. एक गौं में एक बुड़ और एक बुड़ी रौंछी. उ द्वियनै में हइ-निहई कजी लागिये रोनेर…

3 years ago

यह उत्तराखंड की एक आम तस्वीर है

तस्वीर में कुछ ग्रामीण एक गर्भवती महिला को अस्पताल को ले जा रहे हैं. इससे पहले दो दिन तक महिला…

3 years ago

तब कुछ ऐसी हुआ करती थी पाली पछाऊँ के लोगों की जीवनचर्या

सर्वप्रथम पाली पछाऊँ शब्द की व्युत्पत्ति कत्यूरी शासन काल में हुई. उत्तराखण्ड में कत्यूरी शासनकाल के दौरान कत्यूरी शासकों की…

3 years ago