कॉलम

कुमाऊनी परिवारों में भांजे-भांजियों को मिलता है विशेष सम्मान

कुमाऊं क्षेत्र में भाई-बहिन के प्रेम पर बनी रवायतें किसी से नहीं छिपी. लोककथा, लोकगीत, पर्व और परम्पराओं में इस…

3 years ago

समधी-समधिन की प्रतिकृति बनाने की अनूठी परम्परा

समधी-समधिन मतलब दो अनजान परिवारों को एक सूत्र में पिरोने का रिश्ता. समधिन यानी पुत्र रत्न एवं पुत्री रत्न को…

3 years ago

इन 3 प्राणायामों से रखिए अपने दिमाग को सुपर हेल्दी

आज मैं तीन ऐसे प्राणायाम के बारे में बात करने वाला हूँ जिनका अगर आपने नियमित रूप से अभ्यास किया…

3 years ago

पहाड़ों में लोसर से नव वर्ष

तिब्बती में लो का मतलब है वर्ष या साल और सर से अभिप्राय है नया. बौद्ध पंचांग के अनुसार वर्ष…

3 years ago

सिनेमा का शौक और शब्दभेदी वरदान

उस समय फिल्मों का इतना क्रेज हुआ करता था कि लड़के खुद को रोक नहीं पाते थे. किसी भी छत…

3 years ago

कविता : नाक के पहाड़ से

वो औरतेंलम्बा टीका लगाती हैंजो नाक के पहाड़ सेमाथे और माँग के मैदान तक जाता है वो औरतेंचढ़कर, उतरकरऔर फिर…

3 years ago

नन्ही लाल चुन्नी की कहानी

एक बार की बात है, एक छोटी सी बच्ची अपने माता-पिता के साथ एक गांव में रहती थी. वह अपने…

3 years ago

घुघुति-बासूती

पिछली कड़ी - सासु बनाए ब्वारी खाए घुघूती-बासूती…क्या खांदी?दुधु-भाती!मैं भी दे…जुठू छकैकू?मेरू!तेरी ब्वै कख?ग्वोठ जायीं.क्या कर्न?दूधु द्धेवणा!ग्वोठ को छ?गाय-बाछी.बाछी कन…

3 years ago

अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित विनोद कुमार शुक्ल

हमारे समय के सबसे महत्वपूर्ण किन्तु सबसे शांत कवियों में से एक विनोद कुमार शुक्ल की कविता `मुझे बिहारियों से…

3 years ago

ठोस कचरा प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन

करीब पिछले दो दशकों से जलवायु परिवर्तन का प्रभाव दुनिया भर में देखा जा रहा है. जलवायु परिवर्तन की इस…

3 years ago