कॉलम

लोक द्वारा विस्मृत लोकगायिका कबूतरी देवी का इंटरव्यू

कुमाऊनी लोकगायिका कबूतरी देवी (1945 - 7 जुलाई, 2018) ने  सत्तर के दशक में अपने लोकगीतों से अपने लिए अलग जगह…

7 years ago

हमें शीशी भी नहीं चाहिए, हम अपनी शीशी साथ ले कर आए हैं

किस्सा गंजनाशक तेल और दो यारों का -शम्भू राणा उन दोनो की दोस्ती काफी पुरानी और गाढ़ी थी. दोनों की…

7 years ago

मेरी जिंदगी में किताबें

कुछ दिन हुए किताबों के महामेले से लौटी हूं. पुस्‍तक मेले में जाना मेरे लिए किसी उत्‍सव की तरह होता…

7 years ago

आस्था और जीवट का महाकुम्भ है नंदा राजजात यात्रा

उत्तराखण्ड की इष्ट देवी नंदा मानी जाती हैं. प्रदेश के सभी क्षेत्रों में नंदा देवी की वन्दना में उत्सव मनाये…

7 years ago

एक मिसाल है उत्तराखंड के जगत सिंह चौधरी ‘जंगली’ का जंगल : विश्व वन दिवस विशेष

उत्तराखण्ड के गढ़वाल इलाके में रूद्रप्रयाग जिले के एक छोटे से गांव में रहते हैं जगत सिंह चौधरी और ‘जंगली’…

7 years ago

दो के बराबर एक चाँद की जुन्याली क्यों होती है पहाड़ों में

धुर गहराती कातिग के महीने चम्म चमकीले झीने उजास को बिखेरती जुन्याली रात का उजाला ऐसा कि दूर खड़ीक के…

7 years ago

हमें अपने नायकों को नए सिरे से पहचानने और बदलने की ज़रुरत है

यह सेलेब्रिटी युग है. डेरा चलाने वाले बाबा से लेकर ड्रग एडिक्शन से जूझ रहा बम्बइया एक्टर और अबोध इंसान…

7 years ago

खूंखार मंडरा रहे हैं और इन सबके बीच एक स्त्री अपनी स्वतंत्रतता में आ जा रही है

समंदर के पास रहने वाली एक लड़की की स्मृति में - शिवप्रसाद जोशी कुछ वर्ष पुरानी एक रेल की धड़धड़ाहट,…

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अल्मोड़िया राइटर डेढ़ यार: पहुंचे टेसन अंधेरी-खार

अल्मोड़ा से बम्बई चले डेढ़ यार – दूसरी क़िस्त पिछली क़िस्त में उत्तराखंड से हिंदी साहित्य में कूद पड़े हमारे…

7 years ago

शऊर हो तो सफ़र ख़ुद सफ़र का हासिल है – 10

पुलिस का चेहरा बदल रहा है आज आई जी ए के रतूड़ी सर का व्याख्यान हुआ. रतूड़ी सर बोलते हैं…

7 years ago