कॉलम

अंतर देस इ उर्फ़… शेष कुशल है! भाग – 4

गुडी गुडी डेज़ अमित श्रीवास्तव सासति करि पुनि करहि पसाउ | नाथ प्रभुन्ह कर सहज सुभाउ || सबकुछ अचानक हुआ…

8 years ago

करवा चौथ पर श्री टेलीविजन को पत्र

श्री टेलीविजन जी, आज करवा चौथ है. सो कल भीषण शापिंग के चलते मेरे शहर की सड़कें जाम थीं. बिल्कुल…

8 years ago

लाल मकान वाली हेमा

“उत्तरायण” कार्यक्रम में एक–दो बार उन्हें देखा होगा जब कभी वे लोक वार्ता बांचने आतीं लेकिन ठीक से मुलाकात की…

8 years ago

चालबाज़ आदमी और दोस्ती की परख

अफ्रीकी लोक कथाएँ - 6 दो लड़के पक्के दोस्त थे. उन्होंने हमेशा एक दूसरे के साथ बने रहने का वादा…

8 years ago

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 6

पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम से…

8 years ago

जामुन के पेड़ वाला भूत बनना है मुझे

मरने के बाद लोग कहां रहते हैं, मुझे पूरा पता है. गांव के धुनकारी मरने के बाद नीम के पेड़…

8 years ago

सिनेमा: महिलाओं के दुःख और उससे मुक्ति की छटपटाहट का फिल्मांकन

ईरानी महिला फ़िल्मकार 'मरजियेह मेश्किनि' की पहली फ़िल्म 'द डे व्हेन आई बीकेम वुमन' तीन छोटी फ़िल्मों में से दूसरी…

8 years ago

कहो देबी, कथा कहो – 6

पिछली कड़ी वे कहानियां ओ हो, वह आंगन में घुघुते-घुघतियों का दाने चुगना! टोकरी के भीतर उन्हें पकड़ने की कोशिश...…

8 years ago

राजकुमारी, राजा और एक आदमी की कथा

अफ्रीकी लोक कथाएँ - 5 कुछ समय पहले जंगल में एक अकेला शिकारी रहता था. उसका कोई परिवार नहीं था…

8 years ago

कुमाऊनी लोकोक्तियाँ – 5

पिथौरागढ़ में रहने वाले बसंत कुमार भट्ट सत्तर और अस्सी के दशक में राष्ट्रीय समाचारपत्रों में ऋतुराज के उपनाम से…

8 years ago