कॉलम

सुर्ख गालों पर तपिश लिए भरे बाजार जब मैंने अर्चना वर्मा को जीवन भर के लिए कहा गुडबाय

पहाड़ और मेरा जीवन – 31 अपनी सहपाठी अर्चना वर्मा के बारे में मैंने पहले भी जिक्र किया था और…

7 years ago

ऑल वैदर रोड के बहाने उत्तराखंड की सड़कों की हालत

समय आ गया है कि इस बात पर बहस की जाय उत्तराखंड राज्य में सड़क ने विकास किया है या…

7 years ago

पीके: आस्था के नाम पर पनप रहे अंधविश्वास पर तार्किक चोट करती फिल्म

ट्रांजिस्टर लटकाए हुए रिमोट खोजने की जद्दोजहद. अबोध सवाल. जिज्ञासा भरे सवाल. अजीबोगरीब हरकतें. जवाब देने वालों का उससे पूछना,…

7 years ago

नैनीताल फूड प्रोडक्टस: पचास हजार की पूंजी से करोड़ों की कंपनी तक

संजीव भगत कुमाऊँ के उन गिने-चुने लोगों में हैं जिन्होंने मामूली पूंजी से सफल उद्यम खड़ा कर एक मिसाल कायम…

7 years ago

लोकतंत्र के पहरुवे

गैरीगुरु की पालिटिकल इकानोमी : अथ चुनाव प्रसंग-4 पिछली कड़ी- घोषणा पत्रों में चरम सुख बाजार की उथल-पुथल भरी खबर…

7 years ago

तूतू – मैंमैं

'आखिर हुआ क्या?' 'होना क्या था? वो हमें बाज़ार में मिले. हमे बहुत जाने-पहचाने से लगे.' 'फिर?' 'हम भी उन्हें…

7 years ago

भगवान शिव के विषय में मजाक-छेड़छाड़ भरा गीत

'बोल गोरी बोल, तेरा कौन पिया...' गीत, फिल्म मिलन (1967) का एक पॉपुलर गीत है, जो सुनील दत्त और जमुना…

7 years ago

व्यंग्य का जन्म किस प्रकार होता है?

कल एक मित्र का फोन आया. मित्र मुम्बई में हैं, और अभिनय के क्षेत्र में अपना नाम कमा रहे हैं.…

7 years ago

हेमवती नंदन बहुगुणा : इंदिरा युग में इंदिरा गांधी को चुनौती देने वाला राजनेता

अगर इतिहास में एक ऐसे व्यक्ति की खोज की जाय जो उत्तराखंड का हो और पहला ऐसा व्यक्ति हो जिसने…

7 years ago

भगवान तुलसीदास गलत नहीं लिख सकते

बुआजी के एक विधुर जेठ थे, जिन्हें घर के सब लोग ‘बड़े बाबजी’ पुकारते थे. मझोले कद के बड़े बाबजी…

7 years ago