अहम् ब्रह्मस्वरूपिणी. मैं ब्रह्मस्वरूप हूँ. मुझसे प्रकृति-पुरुषात्मक जगत उत्पन्न हुआ है शून्यं चाशून्यं च. मैं आनंद और अनानन्द रूपा हूँ अहं विज्ञानाविज्ञाने.…
हमारा बचपन मंदिर के ठीक नीचे वाले बंगले में गुजरा. उससे पहले मुक्तेश्वर क्लब के ऊपर वाला घर और उससे…
मंदिर स्थापत्य की विभिन्न श्रेणियां इतिहास की पुस्तकों में, सिविल सेवा की तैयारियों के दौरान किए गए अध्ययन में पढ़ी…
अल्मोड़ा नगर से 47 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गणानाथ मंदिर जाने के लिए अल्मोड़ा-सोमेश्वर मार्ग पर स्थिर रनमन नामक…
तीन ओर क्रमशः काली, सरयू और पनार नदियों से घिरा और मध्य में लोहावती व लधिया नदियों को लिये हुए…
आज जिस स्थान पर कुमाऊँ विश्वविद्यालय का मुख्य परिसर 'डी. एस. बी.' स्थित है, आजादी से पहले वहाँ पर 'वैलेजली…
अल्मोड़ा से कोई 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गणानाथ का मंदिर मूलतः शिव का मंदिर है. समुद्रतट से 2116…
मैं, अर्थात गोपेश्वर के गोपीनाथ मंदिर के प्रांगण में स्थित त्रिशूल, आँखिन देखी अपनी कथा सुनाकर जी हल्का करना चाहता…
एक तो बचपन ऊपर से वो भी गांव का. अलमस्त सा. घर वाले गालियों से नवाजते थे, और 'भूत' हो…
यूं तो भारत सहित दुनिया की अधिकांश प्राचीनतम सभ्यताएं चीन, मिश्र, यूनान तथा आदिवासी अफ्रीकी समाज में पर्यावरण चेतना का…