कॉलम

बसंत के बाद वह बुरांस का फूल

बैसाख का आखरी हफ्ता मधुमास का लगभग पूरा अवसान और ग्रीष्म का शैशव काल में पदार्पण. नौकरी लगने के पूरे…

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कुमाऊं में प्राथमिक शिक्षा के पाठ्यक्रम में कुमाऊनी शामिल

आज नैनीताल में उत्तराखंड प्रशासन अकादमी में कुमाउंनी पाठ्य पुस्तकों का विमोचन किया गया. इन पुस्तकों को कुमाऊं के प्राथमिक विद्यालयों…

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एक रामलीला ऐसी भी – गीता गैरोला की कहानी स्मिता कर्नाटक की आवाज में

हमारी नियमित लेखिका गीता गैरोला ने आपको अनेक मनभावन कहानियां सुनाई हैं. हाल ही में हमने उनकी मशहूर किताब ‘मल्यो…

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कोई लौटा दे मेरे बीते हुए दिन @ ओल्ड इज गोल्ड.

दूरदर्शन के जमाने के दर्शक पुराना जिक्र छिड़ते ही, यकायक अतीत-मोह से घिर आते हैं. एकदम भावुक से हो उठते…

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उत्तराखण्ड की सामाजिक कुरीति है छूत

फर्ज कीजिये आप परेशानी में हैं, दर्द से कराह रहे हैं और रक्त का स्राव हो रहा है. ऐसे हालात…

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पौड़ी के स्कूलों में गढ़वाली सरस्वती वंदना की शुरुआत

उत्तराखण्ड के पारंपरिक वाद्ययंत्रों, ढोल-दमाऊ, डौंर-थाली, मसकबीन, की धुन पर लोकभाषा में स्कूली वंदना की कल्पना गढ़वाल में साकार हो…

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पूर्व की ओर झुका है पिथौरागढ़ के मड़ गांव में सूर्य का मंदिर

पिथौरागढ़ की डीडीहाट तहसील में एक गांव है मड़. डीडीहाट से 15 किमी की दूरी पर चौबाटी क़स्बा है यहां…

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जाता हुआ साल और लोकतंत्र के व्याकरण का गणित

साल के आख़िरी दिनों में जब हमारी पीढ़ी के पढ़े-लिखे-एम एन सी जैसी अबूझ नागरिकता वाली कम्पनियों में लगे, ज़्यादातर…

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अपने गांव फिर आना प्यारी दीदी, प्यारी बेटी: गंगोत्री गर्ब्याल की याद

गंगोत्री गर्ब्याल की आत्मकथा ‘यादें’ की भूमिका में-डा. आर.एस.टोलिया के लिखा है - ‘‘प्रसिद्ध इतिहासविद् डा. शिव प्रसाद डबराल ने…

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पहाड़ के अनूठे चरित्रों के प्रतिनिधि हैं श्रीकोट के गुयां मामा

मानवीय बसावत में जीवन के कई रंग दिखाई देते हैं. ये बात अलग है कि कुछ रंगों को हम अपनी…

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